Possibility of delay in 12th results

पुणे। जूनियर कॉलेज के शिक्षक संगठनों के बहिष्कार आंदोलन के चलते इस साल बारहवीं (12th results) की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच का काम प्रभावित हुआ है। करीब 52 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का काम प्रलंबित हो रहा है। शिक्षकों का आंदोलन अगर यूं ही जारी रहा तो बारहवीं के नतीजों की घोषणा में देरी हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि बारहवीं की परीक्षा शुरू हुये पांच दिन बीत चुके हैं। जूनियर कॉलेज शिक्षकों की विविध मांगे पिछले कई वर्षों से प्रलंबित हैं जिसके चलते महाराष्ट्र राज्य कनिष्ठ महाविद्यालयीन शिक्षक संगठनों ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के कार्य का बहिष्कार कर दिया है। इसके चलते अब तक अंग्रेजी, मराठी, हिंदी, वाणिज्य संगठन और प्रबंधन जैसे विषयों की परीक्षा के बाद मुख्य नियामकों की एक भी सभा नहीं हो पाई है। मुख्य नियामकों की सभा नहीं होने के कारण अंग्रेजी और हिंदी विषयों की प्रश्नपत्रों में त्रुटियों के संबंध में अगले निर्णय भी प्रलंबित हैं। पुणे में मुख्य नियामकों की सभी बैठकों के रद्द होने के बाद शनिवार को अमरावती विभागीय शिक्षा बोर्ड की मराठी विषय के नियामक की बैठक भी नहीं हो पाई।

Next Story