Cheating by promising to get a flat
मुंबई। मुंबई पुलिस ने प्रभादेवी के सेंचुरी बाजार में म्हाडा फ्लैट दिलाने का वादा करके 21 लोगों से कथित तौर पर 2.30 करोड़ रुपये ठगने के मामले में छह जालसाजों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों ने पीड़ितों को 2017 में इलाके में सस्ते फ्लैट देने का झांसा दिया था। पीड़ितों का विश्वास हासिल करने के लिए आरोपियों ने उन्हें फ्लैट भी दिखाया और यहं तक कि म्हाडा के बांद्रा पूर्व स्थित कार्यालय में भी ले गए।
जानकारी के मुताबिक, आरोपियों की पहचान सुनील घाटवीसावे, उनकी पत्नी सुजाता, प्रशांत जाधव, बबीता भांगरे, रवि शिवगन और सरस्वती लोकरे के तौर पर हुई है। पीडब्ल्यूडी विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत 39 वर्षीय दत्ताप्रसाद बैट की शिकायत के आधार पर दादर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।
दादर पुलिस स्टेशन ने कहा, "2017 में सुनील ने शिकायतकर्ता को कहा कि म्हाडा कार्यालय में उसकी अच्छी पहचान है और वह सेंचुरी बाजार म्हाडा कॉलोनी में मिल वर्कर का फ्लैट बाजार मूल्य से कम कीमत पर उन्हें दिलवा सकता है।"
पुलिस अधिकारी ने कहा कि सुनील के झांसे में आकर दत्ताप्रसाद और उनके कुछ रिश्तेदारों सहित 20 अन्य लोगों ने आरोपियों को पैसे का भुगतान किया। अप्रैल 2017 से नवंबर 2019 के बीच आरोपी व्यक्तियों को पीड़ितों ने कुल 2.30 करोड़ रूपये दिए। सभी पीड़ितों ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किया, जिसमें आरोपी व्यक्तियों द्वारा उन्हें घर दिलाने का वादा किया गया था।
हालांकि, किसी भी खरीददार को अभी तक कोई फ्लैट नहीं मिला। जब भी शिकायतकर्ता म्हाडा के फ्लैट के बारे में पूछता तो आरोपी कोई न कोई बहाना बनाकर और इंतजार करने के लिए कहते थे। आखिरकार, जब घर खरीदारों को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी की जा रही है, तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और फ़िर जा कर शिकायत दर्ज कराई।
Editorial

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