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'दुश्मन' ने तीव्र संवेगों के साथ उठाई प्रदूषित जल जैसी सर्वकालिक समस्या
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भारतीय लोक कला मण्डल एवं दी परफोरमर्स कल्चरल सोसायटी, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में 19 वें पद्मश्री देवीलाल सामर स्मृति नाट्य समारोह के पहले दिन नाटक 'दुश्मन' नेदर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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उदयपुर : भारतीय लोक कला मण्डल एवं दी परफोरमर्स कल्चरल सोसायटी (The Performers Cultural Society), उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में 19 वें पद्मश्री देवीलाल सामर स्मृति नाट्य समारोह के पहले दिन नाटक 'दुश्मन' (Dushman) नेदर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया कि दी परफोरमर्स कल्चरल सोसायटी, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में छः दिवसीय 19 वें पद्मश्री देवीलाल सामर स्मृति नाट्य समारोह के पहले दिन पंजाब की 'मंच - रंगमंच' संस्था का नाटक "दुश्मन" जिसका निर्देशन प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक (Famous theater director) केन्द्रीय संगीत नाटक अकादमी अवार्डी एवं पंजाब संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष केवल धालीवाल ने किया यह नाटक अंग्रेज़ी में हेनरिक इब्सन के आलेख का हिन्दी रूपान्तरण है इसमें एक ज्वलंत समस्या को तीव्र संवोगों के साथ रखा गया है। यह सर्वकालिक एवं सदैव प्रासंगिक समस्या है। नाटक की भूमिका में डॉ. सूरज-गुरतेज सिंह मान, साजन कोहिनूर, ड़ोली सड़ल, अमन शेर सिंह, जश्नप्रीत सिंह, विशु शर्मा, गुरदीत पाल सिंह, हरप्रीत सिंह, विकास जोशी मंच परिकल्पना निर्देशन व अनुवाद श्री केवल धालीवाल ने किया। संस्था के मानद सचिव सत्यप्रकाश गौड़ ने बताया कि रविवार को भी मंच- रंगमंच सस्था पंजाब द्वारा केवल धालीवाल निर्देशित नाटक "अदाकार आद अंत की साखी" डॉ. स्वराजवीर के लिखित आलेख पर होगा ।

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