Foreign Minister
नई दिल्ली : विदेश मंत्री (Foreign Minister) एस जयशंकर (S. Jaishankar) ने गुरूवार को पाकिस्तान का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि कोई भी देश अपनी समस्याओं से बाहर नहीं निकल सकता और समृद्ध नहीं हो सकता अगर उसका 'बुनियादी उद्योग' आतंकवाद है। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत (India) मुसीबतों का सामना कर रहे अपने पड़ोसी देश (Country) की मदद करेगा, जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद भारत- पाकिस्तान (Terrorism india pakistan) संबंधों का मूलभूत मुद्दा है, जिससे कोई बच नहीं सकता है और हम मूलभूत समस्याओं से इनकार नहीं कर सकते हैं। विदेश मंत्रालय द्वारा यहां आयोजित एशिया आर्थिक संवाद में उन्होंने कहा, कोई भी देश कभी भी मुश्किल स्थिति से बाहर नहीं निकल सकता और एक समृद्ध शक्ति नहीं बन सकता, अगर उसका मूल उद्योग आतंकवाद है। उन्होंने आगे कहा, अगर मुझे कोई बड़ा फैसला लेना है, तो मैं यह भी देखूंगा कि जनता की भावना क्या है । मैं सबसे पहले नब्ज टटोलूंगा कि मेरे लोग इसके बारे में क्या महसूस करते हैं। और मुझे लगता है कि आपको इसका जवाब पता है।
गंभीर आर्थिक संकट में फंस रहा पाकिस्तान : बता दें पाकिस्तान विदेशी ऋण चुकाने में चूक की संभावना के साथ गंभीर आर्थिक संकट में फंसता दिख रहा है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) द्वारा सोमवार को साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान का चालू खाता घाटा जनवरी में 90.2 फीसदी घटकर 0.24 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल इसी महीने में 2.47 अरब डॉलर था।
आयात पर पाबंदी के साथ भुगतान संतुलन संकट ने देश को भुगतान चूक के कगार पर पहुंचा दिया है। 'डॉन' अखबार ने बताया कि दिसंबर के 0.29 अरब डॉलर की तुलना में घाटे में 16.55 फीसदी की कमी आई है। विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान (Pakistan), श्रीलंका की तरह आर्थिक संकट के करीब पहुंच रहा है और गहरे कर्ज में डूबे अफ्रीकी देश भी चीन के लिए एक तरह का संकट बन रहे हैं। कर्ज चूक से चीन को भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसकी अर्थव्यवस्था सुस्ती का सामना कर रही है।
Editorial

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