lawyer murder case
जोधपुर : जोधपुर (Jodhpur) के माता का थान थाना क्षेत्र में दिन दहाड़े सरे राह हुई। वकील की हत्या मामले में पांचवें दिन भी शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। परिजन व हाईकोर्ट (High Court) की दोनों एसोसिएशन के वकील (lawyer) धरने पर बैठे है। वकीलों ने बुधवार को वाहन रैली निकाली व महात्मा गांधी अस्पताल (Mahatma Gandhi Hospital) के बाहर धरना दिया व रास्ता जाम किया। वकीलों का कहना है कि 1 करोड़ का मुआवजा व सरकारी नौकरी का लिखित में आदेश नहीं दिया जाता तब तक हड़ताल समाप्त नहीं होगी। इधर वकीलों की हड़ताल के चलते हाईकोर्ट व लोअर कोर्ट में सुनवाई व अन्य कार्य नहीं हो सके। एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी का कहना है कि दो दिन से वार्ता हो रही है लेकिन कोई भी लिखित में आदेश नहीं होने तक हम अड़े है। मुख्यमंत्री से रविवार को मिलने के बावजूद भी सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। वकील आश्वासन पर नहीं मानते लिखित आदेश नहीं देंगे तब तक हड़ताल व विरोध जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि मृतक वकील जुगराज चौहान के परिजनों के साथ हम सभी वकील भी धरने पर बैठे है।
उन्होंने कहा कि सरेराह दिन दहाड़े जिस तरह से जघन्य हत्या हुई है और इस परिवार के बड़े बेटे की भी हत्या भी इन आरोपियों ने की है। एक परिवार से दो लोगों की हत्या के बाद इस परिवार को मुआवजा नहीं मिलना यह न्याय नहीं है। एनकाउंटर में मारे जाने वाले अपराधी के परिवार को मुआवजा दिया जाता है। लेकिन, कानून के रखवालों की मांगों पर जिला प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रही। वकीलों ने आज वाहन रैली निकाली यह रैली हाईकोर्ट के हेरिटेज भवन से ख्त ॥ की मॉर्च्यूरी तक आए और मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। सड़क पर बैठे वकीलों ने रास्ता जाम किया इससे आमजन परेशान रहे। स्टेशन आने वालों को अपने सामान के साथ आधा किलोमीटर दूर ऑटो से उतर कर पैदल जाना पड़ा।
बता दें कि वकील जुगराज चौहान की हत्या शनिवार को हुई थी। इसकी हत्या के दोनों आरोपियों को पुलिस ने उसी दिन पकड़ लिया था। हत्या के सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा था कि किस तरह दोनों आरोपी चाकू से कई वार करते है साथ ही पत्थर से भी वार करते है। इस पर वकील की मौके पर ही मौत हो जाती है।
Editorial

Editorial

Next Story