NIA raids on wanted hardcore Manju's hideouts
जोधपुर : केंद्रीय आतंकवाद विरोधी कानून प्रवर्तन एजेंसी (Central Anti-Terrorism Law Enforcement Agency) नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मंगलवार अल- सुबह जोधपुर जिले के हार्डकोर व हिस्ट्रीशीटर कैलाश मांजू के ठिकानों पर दबिश देकर तलाशी ली। अंदेशा है कि अवैध हथियार और मादक पदार्थ तस्करी के साथ-साथ लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध होने के चलते यह छापेमारी की गई है।
राजपासा में निरूद्ध करने के आदेश जारी होने के बाद से कैलाश मांजू फरार है। सूत्रों के अनुसार एनआइए की एक टीम अल-सुबह बालेसर थानान्तर्गत भाटेलाई पुरोहितान में पैतृक गांव पहुंची, जहां घर की तलाशी ली गई। कैलाश मांजू घर नहीं मिला, लेकिन अन्य परिजन की मौजूदगी में घर की तलाशी ली गई। इस दौरान कोई संदिग्ध सामग्री मिलने की जानकारी नहीं है।
दो- तीन घंटे तक सर्च की गई। तत्पश्चात एजेंसी की ओर से कैलाश मांजू के भाई को एक नोटिस सौंपा गया। जिसमें पूछताछ व बयान दर्ज करवाने के लिए मांजू को दिल्ली स्थित कार्यालय में तलब किया गया। दबिश व तलाशी के संबंध में एनआइए ने कोई अधिकृत जानकारी साझा नहीं की है।
एनआइए की एक टीम ने चौपासनी बाइपास पर वीतराग सिटी नामक आवासीय कॉलोनी में कैलाश मांजू के फ्लैट में भी दबिश दी। कैलाश मांजू के फरार होने के चलते पत्नी व बच्चे फ्लैट में रहते हैं। सुबह आठ से दोपहर साढ़े बारह बजे तक चली तलाशी में दस्तावेज जब्त किए गए। इस दौरान बोरानाडा थाना पुलिस एनआइए के साथ मौजूद रही।
कुछ साल पहले था लॉरेंस से संबंध
पंजाब के कुख्यात बदमाश लॉरेंस बिश्नोई ने रंगदारी वसूलने के लिए जोधपुर में छह-सात साल पहले ट्रैवल्स कंपनी के मालिक, डॉक्टर, उद्यमी व मोबाइल व्यवसायी के ठिकानों पर फायरिंग करवाई थी।
बाद में मोबाइल कारोबार की हत्या तक कर दी गई थी। तब लॉरेंस व कैलाश मांजू के संबंध में होने की बात सामने आई थी, लेकिन इन मामलों में कैलाश मांजू का संबंध होने के साक्ष्य नहीं मिले थे।
Editorial

Editorial

Next Story