✕
अपहरण व दुष्कर्म के मामले में बाप-बेटे गिरफ्तार
By EditorialPublished on
पुलिस (Police) ने किशोरी के अपहरण (Kidnapping) व उसके साथ दुष्कर्म (Rape) के मामले में पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर सोमवार को अदालत (Court) में पेश किया, जहां अदालत ने पिता की भूमिका नहीं मानते हुए उन्हें हाथों हाथ निजी मुचलके पर रिहा कर दिया जबकि बेटे को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। थानाधिकारी परमेश्वर पाटीदार ने बताया कि गत वर्ष 2 नवम्बर को पीड़िता के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई

x

नगर संवाददाता. उदयपुर। जिले की परसाद थाना पुलिस (Police) ने किशोरी के अपहरण (Kidnapping) व उसके साथ दुष्कर्म (Rape) के मामले में पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर सोमवार को अदालत (Court) में पेश किया, जहां अदालत ने पिता की भूमिका नहीं मानते हुए उन्हें हाथों हाथ निजी मुचलके पर रिहा कर दिया जबकि बेटे को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। थानाधिकारी परमेश्वर पाटीदार ने बताया कि गत वर्ष 2 नवम्बर को पीड़िता के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि गत वर्ष 24 अक्टूबर को उसकी बहन को विजय पुत्र रूपलाल मीणा निवासी बारा फलां भागला घाट लखमात भगाकर ले गया। इस पर थानाधिकारी के नेतृत्व में टीम ने जांच पड़ताल कर पीड़िता को आरोपी के गांव से दस्तियाब किया। पीड़िता ने अपने बयानों में बताया कि आरोपी विजय अपने बाइक पर अपहरण कर अपने घर ले गया जहां पर बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। इस दौरान उसके घर पर उसके पिता रूपा उर्फ रूपलाल मीणा भी मौजूद था। इस पर पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया। आरोपी रूपलाल को अपहरण व पोस्को एक्ट (Pocso Act) की धारा 17 के तहत गिरफ्तार किया जबकि आरोपी पुत्र को दुष्कर्म एवं अपहरण के मामले में गिरफ्तार किया और उसके निशानदेही से मामले में उपयोग में ली बाइक बरामद की। दोनों को थानाधिकारी ने अदालत में पेश किया। पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पोस्को -2 के पीठासीन अधिकारी भूपेन्द्र कुमार सनाढ्य ने माना कि आरोपी विजय के पिता रूपलाल उर्फ रूपा की सक्रिय भूमिका आई है और न ही इस तरह के साक्ष्य पत्रावली पर उपलब्ध है। पीड़िता स्वयं अपनी इच्छा से अभियुक्त के साथ गई और शारीरिक सम्बन्ध बनाने की बात कह रही है। इस पर पीठासीन अधिकारी ने अपहरण व दुष्कर्म के मामले में विजय को जेल भेज दिया, जबकि उसके पिता को पच्चीस हजार के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।

Editorial
Next Story
Related News
X
