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उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे पर साधा निशाना
By EditorialPublished on
'मैं झुका नहीं, झुकूंगा नहीं। आज तक कभी चुनाव चिन्ह किसी से लेकर इस तरह नहीं दिया गया था। कांग्रेस (Congress) में विवाद हुआ तो चुनाव चिन्ह एक से लेकर दूसरे को नहीं दिया गया। दोनों ग्रुप को अपना-अपना नया चुनाव चिन्ह लेना पड़ा था। जयललिता के वक्त भी ऐसा ही हुआ था। जो आज हुआ वो कभी नहीं हुआ था। आज हमारा पवित्र धनुष-बाण हमसे छीन कर चोरों को दे दिया गया। चोरों को सबक सिखा कर रहेंगे। कंधे से कंधे मिलाकर छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) का भगवा फिर फहराएंगे। शिवसेना (Shiv sena) समाप्त

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मुंबई। शिवसेना का नाम और धनुष-बाण एकनाथ शिंदे के नाम होने के बाद उद्धव ठाकरे ने अपने सांसदों और विधायकों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने अपने बंगले मातोश्री (Matoshree) से बाहर आकर कलानगर चौक पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान वह चुनाव आयोग पर जमकर बरसे । उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग आज पीएम मोदी की गुलाम बन चुकी है। सरकारी मशीनरी गुलाम बन चुकी है। गद्दार धनुष-बाण को संभाल नहीं सकेंगे। वह शिव धनुष है। उन्हें संभालना उनके बस की बात नहीं है। उद्धव ठाकरे ने कहा, ' जिस कपट नीति से हमारा पवित्र धनुष बाण चोरों को दिया गया, उसी कपट नीति से हमारा मशाल चुनाव चिन्ह भी छीना जा सकता है। लेकिन आपकी ताकत के साथ हममें फिर से भगवा फड़काने की ताकत है।शिवसेना को मिटाया नहीं जा सकता। खुली जीप में अपने समर्थकों से संवाद साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, जो गद्दार थे वो चले गए। जो निष्ठावान थे मेरे साथ रह गए। चुनाव में गद्दारों को गाड़े बिना चैन से नहीं बैठेंगे। चोरों को सबक सिखा कर रहेंगे। महाशिवरात्रि के दिन शिव का धनुष चोरी किया गया है। लेकिन महाराष्ट्र की जनता मूर्ख नहीं है। उद्धव ठाकरे ने शिंदे गुट को ललकारते हुए कहा, ' चुनावी मैदान में गद्दारों को गाड़े बिना चैन से नहीं बैठेंगे। गद्दारों को चुनौती देता हूं। मर्द हो तो चुनावी मैदान में धनुष-बाण लेकर उतरो। जनता दिखाएगी कि असली शिवसेना कौन है। धनुष-बाण संभालने के लिए मर्द होने की जरूरत होती है। चुनावी मैदान में आओ बताते हैं कि मर्द कौन है?
मैं झुका नहीं, झुकूंगा नही
गरजते हुए ठाकरे ने कहा, 'मैं झुका नहीं, झुकूंगा नहीं। आज तक कभी चुनाव चिन्ह किसी से लेकर इस तरह नहीं दिया गया था। कांग्रेस (Congress) में विवाद हुआ तो चुनाव चिन्ह एक से लेकर दूसरे को नहीं दिया गया। दोनों ग्रुप को अपना-अपना नया चुनाव चिन्ह लेना पड़ा था। जयललिता के वक्त भी ऐसा ही हुआ था। जो आज हुआ वो कभी नहीं हुआ था। आज हमारा पवित्र धनुष-बाण हमसे छीन कर चोरों को दे दिया गया। चोरों को सबक सिखा कर रहेंगे। कंधे से कंधे मिलाकर छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) का भगवा फिर फहराएंगे। शिवसेना (Shiv sena) समाप्त हो नहीं सकती, कोई इसे खत्म कर नहीं सकता।

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