✕
राउत का दावा, शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह पर हुआ 2000 करोड़ रुपये का सौदा
By EditorialPublished on
चुनाव आयोग (election Commission) ने शुक्रवार को शिवसेना पर नियंत्रण के लिए लंबी लड़ाई पर 78 पन्नों के आदेश में एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी और उसे 'धनुष और तीर' चुनाव चिह्न आवंटित करने का आदेश दिया। तो वहीं चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray)

मुंबई। शिवसेना (Shiv Sena) पर चुनाव आयोग का फैसला उद्धव गुट को स्वीकार नहीं हो रहा है। इसलिए उद्धव ठाकरे चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाले हैं। तो वहीं दूसरी ओर संजय राउत ने आयोग के फैसले के संबंध में बड़ा दावा कर दिया है। संजय राउत का आरोप है कि शिवसेना का चुनाव चिन्ह और नाम पाने के लिए 2000 करोड़ रुपये की डील हुई है। हालांकि उन्होंने ये साफ नहीं किया कि ये डील किस किस के बीच हुई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले खेमे से विधायक सदा सर्वंकर ने संजय राउत के दावे को खारिज कर दिया और पूछा कि क्या संजय राउत कैशियर हैं?" संजय राउत ने एक ट्वीट में दावा किया कि चुनाव चिन्ह और नाम पाने के लिए 2000 करोड़ रुपये की डील हुई है और यह 100 फीसदी सच था। उन्होंने पत्रकारों को यह भी बताया कि सत्तारूढ़ दल के करीबी एक बिल्डर ने उनके साथ यह जानकारी साझा की। राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने यह भी कहा कि उनके दावे के समर्थन में सबूत हैं, जिसका खुलासा वह जल्द करेंगे।
78 पन्नो का आदेश हुआ था जारी
चुनाव आयोग (election Commission) ने शुक्रवार को शिवसेना पर नियंत्रण के लिए लंबी लड़ाई पर 78 पन्नों के आदेश में एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी और उसे 'धनुष और तीर' चुनाव चिह्न आवंटित करने का आदेश दिया। तो वहीं चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट को राज्य में विधानसभा उपचुनावों के पूरा होने तक आवंटित "धधकती मशाल" चुनाव चिन्ह रखने की अनुमति दी है।

Editorial
Next Story
Related News
X


