Mansukh Hiran case
मुंबई। देश के अग्रणी उद्योगपति के आवास एंटिला के बाहर विस्फोटकों की बरामदगी और मनसुख हिरण हत्याकांड के मामले में आरोपी और निलंबित मुंबई पुलिस के अधिकारी सुनील माने ने अब सरकारी गवाह बनाये जाने की गुजारिश की है। पुलिस अधिकारी सुनील माने को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दो साल पहले इस बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार किया था। सुनील माने ने तलोजा जेल से दो पन्नों का एक खत भेजा है। पत्र में माने ने लिखा है कि इन दो सालों के दौरान जेल में उसे यह अहसास हुआ है कि नागरिक की रक्षा करना उसकी ड्यूटी थी और उसने दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से और अनजाने में गलती कर दी है और इसका उसे बेहद अफसोस है। माने के मुताबिक उसे इसका पश्चाताप है और अब वह जांच एजेंसियों को इस मामले से जुड़ी सारी जानकारी और तथ्यों से अवगत कराना चाहता है। माने ने इस पत्र के जरिये खुद को सरकारी गवाह बनाये जाने की एक तरह से गुजारिश की है। शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट ने इस पर एनआईए से जवाब मांगा है। अगर एनआईए इस पर एतराज नहीं जताती है तो हो सकता है अदालत उसे वादामाफ गवाह बनाने को मंजूरी दे दे। ऐसे में माने की गवाही को अन्य अभियुक्तों के खिलाफ इस्तेमाल किया जायेगा।
पत्र में माने ने २६ साल की अपनी पुलिस सेवा का हवाला भी दिया है और अपने वरिष्ठों द्वारा उसे बेहद अच्छा और उत्कृष्ट कर्मचारी करार दिये जाने की बात भी कही है। माने के मुताबिक, २३ अप्रैल २०२१ को गिरफ्तार होने तक उसे केंद्र, राज्य सरकार और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा २८० से ज्यादा पुरस्कार और सम्मान से नवाजा गया था। उसका रिकार्ड बेहद अच्छा रहा है और इसलिये उसकी इस मर्जी पर विचार किया जाना चाहिये।
Editorial

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