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एकलिंग जी में महाशिवरात्रि कल, चार प्रहर होगी पूजा
By EditorialPublished on
त्रिकाल पूजा सामान्य दिनों की तरह होती है । महाशिवरात्रि की विशेष पूजा रात्रि 10 बजे से आरम्भ होगी जो चार प्रहर तक निरन्तर चलेगी। दूसरे दिन रविवार को प्रातः 11.30 से 12 बजे के बीच पूर्ण होगी। चारों प्रहर की पूजा में विशेष शृंगार किया जाता है। विशेष पंचामृत धारण होता है। पंचामृतः महाशिवरात्रि पर चारों प्रहर की पूजा में प्रत्येक प्रहर में 13 रूद्रीपाठ होंगे। प्रत्येक प्रहर में सवा नौ किलो प्रत्येक दूध, दही, घी, शहद एवं शक्कर का पंचामृत श्री एकलिंगनाथ को धारण होगा।

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उदयपुर. नगर संवाददाता | श्री एकलिंगजी ट्रस्ट द्वारा कैलाशपुरी स्थित श्री एकलिंगजी में महाशिवरात्रि का महोत्सव शनिवार को रात्रि दस बजे से मनाया जाएगा । त्रिकाल पूजा सामान्य दिनों की तरह होती है । महाशिवरात्रि की विशेष पूजा रात्रि 10 बजे से आरम्भ होगी जो चार प्रहर तक निरन्तर चलेगी। दूसरे दिन रविवार को प्रातः 11.30 से 12 बजे के बीच पूर्ण होगी। चारों प्रहर की पूजा में विशेष शृंगार किया जाता है। विशेष पंचामृत धारण होता है। पंचामृतः महाशिवरात्रि पर चारों प्रहर की पूजा में प्रत्येक प्रहर में 13 रूद्रीपाठ होंगे। प्रत्येक प्रहर में सवा नौ किलो प्रत्येक दूध, दही, घी, शहद एवं शक्कर का पंचामृत श्री एकलिंगनाथ को धारण होगा। इस प्रकार कुल 46 किलो की मात्रा में पंचामृत की सामग्री एक प्रहर में चढ़ाई जाएगी एवं 52 रूद्राभिषेक होंगे। महाशिवरात्रि पर सेवा में चारों प्रहर पैलेस बैण्ड बजेगा। महाशिवरात्रि पर चारों प्रहर की पूजा में दर्शन शनिवार रात्रि 10 बजे से दूसरे दिन रविवार अपरान्ह तक निरन्तर खुले रहेंगे, क्योंकि महाशिवरात्रि की पूजा निरन्तर चलती रहती है। दर्शनार्थी बुधवार सुबह 11.30 बजे तक महाशिवरात्रि के दर्शन लाभ ले सकेंगे, इसके बाद नियमित त्रिकाल पूजा आरम्भ होगी जिसके चलते सामान्य दर्शन पुनः रविवार रात्रि 8 बजे तक लगातार खुले रहेंगे। ट्रस्ट की ओर से सभी श्रद्धालुओं से अपील की जाती है कि वे शनिवार सुबह की बजाय रात्रि 10 बजे से रविवार दोपहर तक शिवरात्रि के दर्शनों का लाभ लें।
महाशिवरात्रि पर्व के दौरान यातायात व्यवस्था
हर वर्ष की भांति 17 फरवरी से 19 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व के दौरान कैलाशपुरी में मेले का आयोजन होगा जहां के लिये यातायात व्यवस्था का रूट तय किया गया है।
रूट डायर्वजन : भुवाणा बाई पास से मूणवास झालों का गुडा तक उदयपुर शहर की तरफ से जाने वाली रोड 17 फरवरी को 4 बजे से 19 फरवरी को प्रातः 12 बजे तक पैदल ही दर्शनार्थियों के लिए रहेगी। उदयपुर शहर से जाने व नाथद्वारा से आने वाले सभी वाहन नाथद्वारा से उदयपुर शहर आने वाले रोड पर आ जा सकेगे।
नो व्हीकल जोन - श्रीराम भोजनालय से बाघेला तालाब कैलाशपुरी गांव हो गणपति होटल तक नो व्हीकल जोन रहेगा।
पार्किंग व्यवस्था
उदयपुर शहर की तरफ से दर्शनार्थियों के लाने व ले जाने तथा निजी दो पहिया तीन पहिया व चार पहिया वाहनो की व रोडवेज, प्राईवेट बसों की पार्किंग मुणवास गांव से पहले सिरोया सिमेन्ट उद्योग के पास पडी खाली जमीन व रोड के किनारे रहेगी तथा दो पहिया वाहनो की पार्किंग वाघेला तालाब पाल से पहले श्रीराम भोजनालय के सामने पडी खाली जगह व रोड को छोड़ किनारे पर रहेगी।
नाथद्वारा की तरफ से आने वाले दो पहिया तीन पहिया व चार पहिया वाहनो की पार्किंग आनंद सागर होटल से पहले रोड को छोड़कर जहां स्थान उपलब्ध है वहां पर रहेगी।

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