राजू तेली
उदयपुर: बजरंग दल (Bajarang Dal) के विभाग संयोजक राजेन्द्र परमार (Rajendra Parmar) उर्फ राजू तेली की रामपुरा (Rampura) में उसी के रेस्टोरेंट के बाहर गोली मारकर हत्या करने के मामले में गिरफ्तार शूटर विजय उर्फ शिकारा मीणा को न्यायायल में पेश किया, जहां से उसे 10 दिन के रिमाण्ड पर प्राप्त किया। आरोपियों ने पूछताछ में कई राज उगले है, जिनकी जांच की जा रही है।
थानाधिकारी रविन्द्र चारण ने 6 फरवरी को रेस्टोरेंट (Restaurant) पिक एंड इट पर खड़े राजेन्द्र परमार उर्फ राजू तेली पुत्र ऊँकार परमार निवासी अमरनगर (Ahmednagar) ए ब्लॉक की दो व्यक्तियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में शूटर विजय उर्फ शिकारा पुत्र हरदान मीणा निवासी पेजूका बसई कोटपुतली जयपुर को सोमवार को वारदात में उपयोग में ली पिस्टल व पांच जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। थानाधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार
(Arrested)
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे वारदात को अंजाम देने के लिए जेल में बंद दिलीपनाथ ने पूरा षडय़ंत्र रचा और उसके अनुसार ही प्रीतम उर्फ बंटी के साथ जाकर गोली मारकर हत्या की। मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम-2 की अदालत में पेश किया, जहां उसे 22 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिए। अनुसंधान अधिकारी रविन्द्र चारण ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से साथी आरोपियों के बारे में पूछताछ कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही वारदात में जिसने तीन पिस्टल व 35 कारतूस खरीदे उनकी तलाश करनी है। आरोपियों की तलाश में जयपुर, चित्तौड़, मध्यप्रदेश की तरफ जाना है।
बहन की शादी (
Sister's Marriage)
व मकान बनाने के बदले ली ‘सुपारी’
प्रारम्भिक पूछताछ में विजय ने पिस्टल व जिंदा कारतूस दिलीपनाथ के कहने पर ही उपलब्ध कराए गए। दिलीपनाथ के कहने पर वह स्वयं को बहन की शादी का पैसा देने व मकान बनाकर देने पर तैयार हुआ। आरोपी विजय ने बताया कि इस वारदात में प्रीतम सिंह उर्फ बंटी के अलावा राकेश गायरी, यशपाल सालवी व अन्य साथियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
लगातार कर रहे थे रैकी
गिरफ्तार आरोपी विजय ने बताया कि यशपाल सालवी व उसके साथी ने लगातार राजू तेली का पीछा कर रैकी की। राकेश गायरी ने विजय और प्रीतम सिंह उर्फ बंटी को गाड़ी में बैठाकर मौके पर ले गया। हत्या के बाद उसे वहां से उसी कार में भागे थे।
एम.पी. से आई तीन पिस्टल व 35 राऊंड कारतूस
विजय ने बताया कि जेल में रहते हुए भी दिलीपनाथ ने राजेन्द्र परमार उर्फ राजू तेली की हत्या कराने के लिए पिस्टल व कारतूस उपलब्ध कराने के लिए जितेंद्र उर्फ अन्ना व भारत सिंह से मध्यप्रदेश के रहने वाले गंदवानी ज्ञानी से तीन पिस्टल, 35 राऊंड 1 लाख 80 हजार रूपये में खरीद कर लेकर आए। इसके अलावा यशपाल सालवी व उसके दोस्त को वारदात के बाद एक अन्य आई-20 कार के जरिये देबारी पुलिया तक छोडऩा बताया।
Editorial

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