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मुंबई : कुछ महीनों बाद मानसून दस्तक देने वाला ऐसे में मुंबई नगरी बारिश के पानी की समस्या होती है क्योंकि पानी की निकासी नहीं हो पाती इस वजह से मुंबईकरों को बारिश के मौसम में मानों बाढ़ जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, ऐसे में मुंबई वासियों की इस समस्या को देखते हुए मुंबई के नालों की सफाई के लिए बीएमसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आपको बता दें की बारिश के पानी से बचने के लिए एक रोबोटिक मल्टीपरपज एक्सकेवेटर मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा। इस आधुनिक रोबोटिक मशीन की कीमत करीब 8 करोड़ रुपए होगी। बीएमसी के सभी मंडल कार्यालयों की मांग के अनुसार स्टॉर्म वाटर ड्रेन लाइन की सफाई के लिए विभिन्न प्रकार की मशीनें उपलब्ध कराई जाती हैं। मुंबई शहर, पश्चिमी उपनगरों और पूर्वी उपनगरों में कई खुले नाले हैं, जिनमें कचरा, सामान, प्लास्टिक होता है। इसलिए इन सभी को बारिश से पहले साफ किया जाता है। खुली नालियों की सफाई के लिए एक विदेशी निर्मित रोबोट बहुउद्देशीय उत्खनन मशीन का उपयोग किया जाता है।
निकासी का कार्य तेजी से होगा
जैसा कि हमने बताया इसका उपयोग नालियों की सफाई के लिए किया जाता है। यह रोबोटिक मशीन आधुनिक तकनीक से लैस है। नगर पालिका ने इसे दुरुस्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही अगले चार साल तक मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी भी ठेका कंपनी को दी जाएगी। बताया जा रहा है कि मशीन आने के बाद नालों की सफाई में तेजी आएगी। यह रोबोटिक मल्टीपर्पज एक्सकेवेटर मशीनों की तिकड़ी के रूप में काम करता है, जिसमें जेसीबी, पोकलेन और ड्रेजर शामिल हैं। एक व्यक्ति इसके कॉकपिट में बैठता है और मशीन को नियंत्रित करता है। सारा काम मशीन से होता है। इसलिए, कीचड़ को उठाने और डंप करने के लिए क्रेन की जरूरत नहीं है। इस मशीन का उपयोग भार उठाने, सड़कें खोदने और पेड़ काटने के लिए किया जा सकता है। मशीन की गति ऐसी है कि इसे चलाने से पहले किसी व्यवस्था की जरूरत नहीं है।
बरसात से पहले जल निकासी का लक्ष्य
बीएमसी ने नाले की सफाई के लिए 180 करोड़ रुपए के 6 टेंडर जारी किए हैं। जो पिछले साल से 30 करोड़ रुपये ज्यादा है। पिछले साल बीएमसी ने नाले की सफाई के लिए 150 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला था। इस साल नगर पालिका ने मानसून से पहले नालों की 80 प्रतिशत सफाई का लक्ष्य रखा है। मुंबई में पानी के जमाव को रोकने के लिए ठेकेदार मुंबई में छोटे और बड़े नालों, तूफानी जल निकासी लाइनों की सफाई करने जा रहे हैं।
बाढ़ जैसे हालात से मिलेगा छुटकारा
मुंबई के अधिकांश हिस्सों में वर्षा जल निकासी लाइनें मानसून के दौरान उच्च समुद्री लहरों के कारण पानी की निकासी नहीं करती हैं। निचले इलाकों में पानी जमा है। इसके लिए बीएमसी हर साल नालों की सफाई पर सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च करती है। लेकिन समय से नालों की सफाई नहीं होती और कूड़ा नहीं उठता, ऐसे में भारी बारिश के दौरान कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं।
Editorial

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