Mahavitaran
मुंबई : महावितरण (Mahavitaran) के ग्राहकों पर अप्रैल से ईंधन समायोजन शुल्क का बोझ बढ़ने की आशंका अभी भी बनी हुई है। हालांकि कंपनी ने दावा किया है कि प्रस्तावित नई दरों में यह शुल्क समाहित है लेकिन बावजूद इसके कानूनी तौर पर भविष्य में यह शुल्क लागू होने की संभावना बरकरार है। इसके अलावा महावितरण बड़े पैमाने पर औष्णिक बिजली पर निर्भर है जिसके चलते कोयला महंगा होने की स्थिति में भी यह शुल्क लागू किये जाने की आशंका है।
राज्य सरकारी महावितरण कंपनी ने वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिये औसत 37 फीसदी बिजली दरवृद्धि प्रस्तावित की है। महावितरण की ओर से हालांकि प्रत्यक्ष तौर पर 14 से 17 फीसदी दरवृद्धि का दावा किया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि अगर ईंधन समायोजन शुल्क शामिल किया गया तो भी दरवृद्धि 17 फीसदी तक ही होगी। लेकिन इसके बाद आगे ईंधन समायोजन शुल्क लागू होगा या नहीं, इसको लेकर महावितरण की ओर से कोई स्पष्टता नहीं की गई है। कानूनी तौर पर देखें तो आनेवाले वक्त में यह शुल्क फिर से लागू हो सकता है।
Editorial

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