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एनआरआई को धमका कर उसकी जमीन का लिखित में समझौता करने और उससे रिश्वत मांगने का मामला
By EditorialPublished on
उदयपुर। एसीबी के हत्थे चढ़े दलालों एवं भूमाफियाओं के साथ मिलीभगत कर एनआरआई को गिरफ्तारी का डर दिखाकर उसकी भाभी के नाम करोड़ों रूपये की जमीन कराने एवं रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए डिप्टी जितेन्द्र आंचलिया

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उदयपुर। एसीबी के हत्थे चढ़े दलालों एवं भूमाफियाओं के साथ मिलीभगत कर एनआरआई को गिरफ्तारी का डर दिखाकर उसकी भाभी के नाम करोड़ों रूपये की जमीन कराने एवं रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए डिप्टी जितेन्द्र आंचलिया, सब इंस्पेक्टर रोशनलाल सामरिया एवं दो दलालों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से नए देश ने चारों को जेल भेज दिया इस दौरान न्यायालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया और वहां पर भारी जाब्ता मौजूद रहा। रिमांड अवधि के दौरान एसीबी की टीम ने आंचलिया के इनके लिखावट के नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए भेजा।
एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में एसीबी स्पेशल यूनिट जयपुर पुष्पेन्द्रसिंह शेखावत के नेतृत्व में टीम ने एनआरआई नीरज पूर्बिया ने ब्यूरो में शिकायत की कि उसके द्वारा भेजी गई राशि से खरीदी गई जमीन को उसकी भाभी को अवैध रूप से दिलाने के लिए उसे गिरफ्तार करने की धमकी देकर भूमाफियाओं के जरिये डिप्टी ने स्वयं समझौता पत्र लिखकर जमीन भाभी के नाम करवा दी। इस मामले की जांच कर रही ब्यूरो टीम ने डिप्टी जितेन्द्र आंचलिया, सब इंस्पेक्टर रोशनलाल सामरिया, दलाल नाथद्वारा निवासी पार्षद रमेश राठौड़ और शोभागपुरा निवासी मनोज श्रीमाली को देर रात गिरफ्तार किया। जो रिमांड अवधि पर थे सोमवार को रिमांड पूरा होने पर पुलिस ने चारों को न्यायालय में पेश किया जहां से चारों को जेल भेज दिया गया। आरोपियों को न्यायालय में मिस करने के दौरान पुलिस ने पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया और भारी मात्रा में पुलिस जाब्ता मौजूद रहा।
आवासों व ठिकानों की तलाशी में मिले बेनामी सम्पति के दस्तावेज
एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में डिप्टी आंचलिया, सब इंस्पेक्टर रोशनलाल, पार्षद रमेश राठौड़ एवं मनोज श्रीमाली के सम्बन्धित ठिकानों, मकानों पर अलग-अलग टीमें गठित कर सर्च तलाशी ली। पिछले 4 दिनों से चल रही आरोपियों के घरों की तलाशी में एसीबी की टीम को करोड़ों की संपत्ति के महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों का बाजार के आधार पर मूल्यांकन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का प्रकरण भी दर्ज किया जा सकता है
कई और पीड़ित भी सामने आए
जैसे ही इन लोगों की गिरफ्तारी की गई उसके बाद से ही एसीबी के पास और भी पीड़ित पहुंचे हैं, जो लंबे समय से चुप थे। उन लोगों ने भी गुप्त रूप से इस भी को अपनी शिकायत दी है और उसमें भी जांच करने की मांग की है।
शहर के कई रसूखदार उसे भी संबंध है आंचलिया के
निलंबित डिप्टी जितेंद्र आंचलिया के उदयपुर शहर में कई रसूखदार लोगों से भी अच्छे संबंध है और इन लोगों के साथ उसका उठना बैठना है, जिसमें भाजपा-कांग्रेस और कई बड़े चिकित्सक भी शामिल है। आंचलिया की गिरफ्तारी के बाद उनसे मिलने के लिए कई सफेदपोश नेता भी पहुंचे, जो चर्चा का विषय बना रहा।
यह है पूरा मामला
पिछले तीस वर्षो से कुवैत में रहकर कार्य कर नीरज पूर्बिया उदयपुर में नियमित रूप से अपने पिता प्रेमचंद पूर्बिया व निलेश पूर्बिया को निवेश के लिए राशि भेजता रहा। उन्होंने वर्ष 2007 में 32 हजार वर्गफिट भुवाणा में जमीन खरीदी, वर्ष 2008 में छोटे भाई का विवाह लवलीना पूर्बिया के नाम पर उक्त जमीन कर दी। 2019 में फरियादी के भाई का कैंसर से निधन हो गया उसके भेजे गये रुपये से निवेश कर भुवाणा में खरीदी गई 32 हजार वर्गफिट जमीन का सौदा उसकी पत्नी लवलीना द्वारा पांच करोड़ रुपये में बेचने का सौदा कर रही थी। इस बात का पता लगने पर 15 फरवरी 2022 को वह स्वदेश लौटा और उसने अपनी भाभी से कहा कि उसके द्वारा भाई को भेजी गई राशि से निवेश कर यह जमीन खरीदी है और उक्त जमीन पर उसकी कम्पनी का ऑफिस भी खुला हुआ है। इस पर लवलीना ने दलाल मनोज श्रीमाली व रमेश राठौड़ से मिलीभगत कर सुखेर थाने में एनआरआई जेठ के खिलाफ परिवाद दे दिया।
इस पर सब इंस्पेक्टर रोशनलाल के जरिये डिप्टी जितेन्द्र आंचलिया ने उसे गिरफ्तारी का भय दिखाकर जमीन को भाभी के नाम करने के लिए दबाव बनाया। यही नहीं डिप्टी ने उससे होटल गोल्डन ट्यूलिप में मुलाकात की जहां पर स्वयं ने अपने हाथों से समझौते की लिखापढ़ी कर दी। फरियादी ने होटल में हुई सारी बात रिकार्ड कर ली और ब्यूरो की दी थी। इस पर एसीबी के एएसपी बजरंग सिंह ने रोशनलाल व अन्य आरोपियों के रिश्वत मांगने का सत्यापन भी किया था। सब इंस्पेक्टर रोशनलाल ने अलग-अलग सत्यापन के दौरान छह हजार रुपये, पांच सौ रुपये और एक कीमती गिफ्ट भी लिया। एसीबी द्वारा की गई जांच में यह भी सामने आया कि डिप्टी आंचलिया ने सब इंस्पेक्टर रोशनलाल को फोन कर परिवादी के प्रकरण में एफआर लगाने के लिए कहा। इसके बाद कन्हैयालाल प्रकरण होने पर आंचलिया को सस्पेंड कर दिया गया और रोशनलाल ने इस दौरान उससे एफआर लगाने के नाम पर दो लाख रुपये अलग से मांग लिये लेकिन मामले में एफआर नहीं लगाई।
एक अन्य मामले में भी कर रही ब्यूरो टीम जांच
सुखेर थाने के तत्कालीन थानेदार रोशनलाल व अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में ब्यूरो टीम जांच कर रही है। स्पेशल यूनिट के एएसपी ने सूर्योदय एण्ड एसोसिएट के गिरिश मेहता को पत्र लिखकर गत 20 जनवरी को दस्तावेज के साथ जयपुर कार्यालय में तलब किया और उनसे अनुसंधान किया गया। मेहता के खिलाफ भी जमीन मामले को लेकर कार्यवाही की गई और गिरफ्तार किया था।

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