ATM fraud
प्रातःकाल संवाददाता मुंबई : मीरा भाईंदर व वसई विरार आयुक्तालय अंतर्गत पेल्हार पुलिस की टीम ने एटीएम कार्ड की हेराफेरी करने वाले चार शातिर ठगों गिरफ्तार किया है।
पुलिस (Police) ने उनके पास से एक कार और 94 एटीएम कार्ड (ATM Card) बरामद किया है। मीरा भाईंदर (Mira Bhayandar) वसई विरार आयुक्त मधुकर पांडेय (Commissioner Madhukar Pandey) ने एटीएम कार्ड की हेराफेरी करने वाले ठगों को गम्भीरता से लेते हुए जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। पेल्हार पीआय के नेतृत्व में पुलिस उप निरीक्षक सनिल पाटील, पुलिस उनकी टीम के योगेश देशमुख, तुकाराम माने, तानाजी बालाजी गायकवाड़, संदीप शेळके, सचिन बळीद, रोशन पुरकर, किरण आदि टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा की जाँच पड़ताल की। फुटेज से पुलिस ने कुछ अपराधियों की शिनाख्त की। लेकिन अपराधी बड़े शातिर थे, वह हर घटना के बाद अपना ठिकाना बदलते रहते थे। लेकिन पेल्हार पुलिस ने हार नही मानी और लगातार पीछा करती रही। आखिरकार पेल्हार की डिटेक्शन टीम ने आरोपियों के लोकेशन को ट्रेस करके पूरी जानकारियां हासिल कर गिरौह मध्यप्रदेश से होकर महाराष्ट्र आने के लिए निकली है कि गुप्त सूचना सुनिल पाटील को मिली। उस जानकारी नजदीकी शिरपुर पुलिस स्टेशन को दी गयी । जैसे ही कार ने क्षेत्र में प्रवेश किया वैसे ही अलर्ट पुलिस ने सभी आरोपियों को धरदबोचा। पकड़े गए सभी आरोपियों को नालासोपारा पूर्व स्थित पेल्हार पुलिस स्टेशन लाया गया। इस दौरान उनके पास से 94 अलग अलग कंपनी के एटीएम कार्ड, 90 हजार रुपये नकद एवं मोबाईल जप्त किया। गिरफ्तार हुए विक्की पंडित सावळे ( 32 ), विक्की राजू वानखेड़े (22), अनिल कडोबा बेलदोड़े (29), वैभव आत्माराम महाडिक (34) नामक आरोपी उल्लासनगर के रहने वाले है। डीसीपी सुहाष बावचे ने बताया कि यह गिरोह एटीएम सेंटर के आसपास घूमते रहते थे, जैसे ही कोई एटीएम ग्राहक रुपये निकालने के लिए जाता है और कोई मुश्किल आती है अथवा किसी अन्य प्रकार की दिक्कतें आती तो यह शातिर ठग मदद के बहाने अपना काम कर लेते थे। बड़ी सावधानी और हाथ चालाकी से असली एटीएम कार्ड की हेराफेरी कर लेते है और नकली कार्ड ग्राहक को थमा देते है। जैसे ही ग्राहक एटीएम सेंटर से बाहर निकलते ही यह ठग कार्ड से रुपये निकालते थे और पलक झपकते ही मौके से फरार हो जाते थे। जब ग्राहक को रुपये निकासी का मैसेज आता था तब उसे पता चलता था कि उसके साथ ठगी हुई है। वही एटीएम मशीन में एक ऐसी चिप फिट करते थे, की जो ग्राहक पैसे निकालने आता था, उसके कार्ड का डेटा, पिन कोड नंबर आदि हैक कर लेते थे और ओटीपी के जरिए डुप्लीकेट एटीएम कार्ड का उपयोग करके रुपये निकाल लेते थे । इस तरह से चारों ने मिलकर मीरा भाईंदर वसई विरार आयुक्तालय क्षेत्र में 11 ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई (New Mumbai), और पूरे महाराष्ट्र में अनगिनत वारदातों को अंजाम देने की बात कही। ठगी के रुपयों से मौज मस्ती करना उनकी आदत सी बन गयी थी ।
Editorial

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