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'कांग्रेस राज में चलता था जीजा-भतीजा कल्चर'
By EditorialPublished on
लोकसभा (Lok Sabha) में कहा कि करप्शन पर बोलने का कांग्रेस (Congress) को बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। अपने कार्यकाल के समय कांग्रेस ने गरीबों की भलाई के लिए कुछ नहीं किया। विपक्षी नेताओं की ओर से यह आरोप लगाने के बाद कि यह बजट अदाणी समूह (Adani Group) के लिए ग्रीन बजट

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नई दिल्ली (एजेंसी) : लोकसभा में आम बजट पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने बजट की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। वित्त मंत्री ने बजट 2023-24 के सार के बारे में बोलते हुए कहा कि यह बजट राजकोषीय विवेक की सीमाओं के भीतर भारत के विकास अनिवार्यताओं की आवश्यकताओं को संतुलित करता है।
वित्त मंत्री ने लोकसभा (Lok Sabha) में कहा कि करप्शन पर बोलने का कांग्रेस (Congress) को बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। अपने कार्यकाल के समय कांग्रेस ने गरीबों की भलाई के लिए कुछ नहीं किया। विपक्षी नेताओं की ओर से यह आरोप लगाने के बाद कि यह बजट अदाणी समूह (Adani Group) के लिए ग्रीन बजट है पर वित्त मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि जीजा और भतीजा को फायदा पहुंचाने का कल्चर कांग्रेस सरकार के समय था । मोदी सरकार (Modi government) में यह सब नहीं चलता । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, मोदी सरकार में कोई भी आवंटन किसी विशेष व्यक्ति को ध्यान में रखकर नहीं किया जाता है, बल्कि सभी को ध्यान में रखकर किया जाता है। सरकार देश को ध्यान में रखती है। मंत्री ने किसी कंपनी या व्यक्ति का नाम लिए बिना कहा, इस तरह की टिप्पणी बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारें बिना सोचे समझे कदम उठातीं हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की नवनिर्वाचित कांग्रेस सरकार को भी शपथ ग्रहण के बाद पेट्रोल-डीजल पर वैट लगाने के लिए निशाने पर लिया। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के पिछले साल का बजट पढने पर उन्होंने कहा कि ऐसा किसी के भी साथ हो सकता है। ऐसी गलती कोई भी कर सकता है पर ऐसा होना नहीं चाहिए। मनरेगा पर उन्होंने कहा कि 2019 के बजट में 60 हजार करोड़ था । उसके बाद के बजट में इसमें लगातार बढ़ोतरी की गई। उन्होंने कहा कि गरीबी पर राजनीति नहीं होनी चाहिए । कांग्रेस इस मामले में खुद शीशे के घर में हैं। जब कांग्रेस की सरकार थी उस समय मनरेगा के लिए जो राशि जारी की जाती थी वह भी खर्च नहीं हो पाती थी । विपक्ष के लोग आरोप लगाते हैं कि हम गरीबों की बात नहीं करते हैं।

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