Acharya Mahashraman-Kajupad
मुंबई । आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) धवल सेना के साथ बुधवार को काजूपाड़ा पहुंचे। उनके आगमन से काजूपाड़ा (Kajupada) का जन-जन उल्लसित था। विहार के दौरान श्रद्धालुओं को आचार्यश्री के दर्शन व मंगलपाठ श्रवण का अवसर प्राप्त हो गया। आचार्यश्री ने काजूपाड़ा में चांदिवली विधायक (Chandivali) दिलीप लांडे (MLA Dilip Lande) के निवास स्थान में उनके परिवार को आशीर्वाद भी प्रदान किया।

Acharya Mahashraman-Kajupad
मुख्य प्रवचन कार्यक्रम में आचार्य महाश्रमण ने कहा कि भोग और योग दो शब्द बताए गए हैं। दोनों का अर्थ भिन्न और परस्पर विरोधी है। आदमी अपने जीवन में भोजन, पानी, वस्त्र, आभूषण, वाहन इत्यादि का भोग करता है। इनमें एक बात होती है आवश्यकता और दूसरी बात होती है आसक्ति। जीवन को चलाने के लिए भोजन, कपड़ा, मकान आदि की आवश्यकता होती है, दूसरी बात आदमी इन पदार्थों के प्रति आसक्त हो जाता है, जिसके कारण वह अपनी आवश्यकता से ज्यादा उस पदार्थ अथवा वस्तु का संग्रह अथवा अत्यधिक उपभोग करने लगता है। पांचों इन्द्रिय के पांचों विषय आवश्यकता से अधिक आसक्ति से भोगे जाते हैं तो वह योग व अध्यात्म की साधना के लिए बाधक बनते हैं। आसक्तिपूर्वक किया गया पदार्थों का भोग आदमी के लिए शोक का कारण बनते हैं। शोक से बचने के लिए योग साधना की बात बताई गई है। जहां भोग होता है, वहां राग की भावना होती है और जहां योग होता है, वहां त्याग की भावना होती है। आदमी को भोग से योग साधना की दिशा में बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। जप, स्वाध्याय, ध्यान योग साधना के अच्छे माध्यम हैं। आचार्यश्री ने काजूपाड़ावासियों को आशीष प्रदान करते हुए कहा कि यहां की जनता में भी योग साधना का विकास होता रहे।

Acharya Mahashraman-Kajupad
साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा ने भी उद्बोधन दिया। आचार्यश्री के स्वागत में स्थानीय स्वागताध्यक्ष नरेश पगारिया ने आस्थासिक्त अभिव्यक्ति दी। तेरापंथ महिला मण्डल व तेरापंथ युवक परिषद के सदस्यों ने पृथक्-पृथक् स्वागत गीत का संगान किया। तेरापंथ किशोर मण्डल, तेरापंथ कन्या मण्डल व ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने भी प्रस्तुति दी।
चांदीवली विधायक दिलीप लांडे ने कहा कि आचार्य महाश्रमण की कृपा प्राप्त कर मैं निहाल हो गया। असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर महेन्द्र पुरी, आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, संजय चौधरी, महिला मंडल संयोजिका अनिता पगारिया, मुंबई विभागीय ज्ञानशाला संयोजिका अंजू चौधरी ने भावाभिव्यक्ति दी। आयोजन में प्रवास समिति काजूपाड़ा बाबूलाल धोका, बाबूलाल सिंघवी, दिनेश कोठारी, लक्ष्मीलाल गोटी, महावीर चौधरी, मनोहर चंडालिया, सुरेश राठौड़, मीठालाल चौधरी, पारसमल ओस्तवाल, पारसमल डुंगरवाल, अखिलेश चौधरी, प्रदीप कुमठ, प्रदीप सोनी, रमेश ढालावत, प्रिंस ढालावत, संजय लोढ़ा, तनसुख गेलड़ा, सुनील गेलड़ा, विनोद लोढ़ा, राकेश चौधरी, युवक परिषद अध्यक्ष नरेश पगारिया, मंत्री आयुष चौधरी, कोषाध्यक्ष अंकुर सिंघवी, ऋषभ सिंघवी, मदनलाल लोढ़ा, विजयराज नाहटा, नरेंद्र छाजेड़, विनोद पामेचा, महावीर बड़ाला, किशोर मंडल प्रभारी साहिल धोका, सहप्रभारी चिराग कोठारी, संयोजक जिगर गेलडा, सहसंयोजक भावेश ढालावत का सराहनीय योगदान रहा। महेंद्र भानुशाली, साईनाथ करके, चंदन सावंत, राजु सालवी, देव गोविंद, अश्विनी मते, नगरसेविका कोमल जामसांडेकर, नगरसेवक हरीश भांदिर्गे, नगरसेवक विजु सिंधे, सोमनाथ सांगले, अन्ना मलाई, वॉल्टर डिसोजा, डोमा सेठ, प्रवास समिति मुंबई अध्यक्ष मदनलाल तांतेड, महामंत्री महेश बापना, मुख्य प्रबंधक मनोहरलाल गोखरु, पूर्व महासभा अध्यक्ष किशन डागलिया, पूर्व मंत्री रमेश सूतरिया, दिनेश सुतरिया, मुंबई सभा मंत्री दीपक डागलिया, पूर्व अध्यक्ष भवरलाल कर्णावट, तेयुप के निवर्तमान अध्यक्ष संदीप कोठारी, भारत जैन महामंडल के उपाध्यक्ष बाबूलाल बापना, गणपतलाल चपलोत, शांतिलाल कोठारी, सोहनलाल धाकड, सुरेश राठौड़, शांतिलाल बापना, कमलेश बोहरा, विष्णु बापना, प्रेमलता सिसोदिया, संगीता चपलोत, ज्ञानशाला से अनिता परमार, राजश्री कच्छारा, अंजु चौधरी, रिंकु परमार, नयना धाकड़, ममता सिंघवी, महिला मंडल संयोजिका अनिता पगारिया, सहसंयोजिका सरोज चौधरी, करुणा आंचलिया, कोषाध्यक्ष ममता चंडालिया, कन्या मंडल प्रभारी करुणा पगारिया, सहप्रभारी कींजल भलावत, कन्या मंडल संयोजिका सोनु सांखला, सहसंयोजिका वर्षा कोठारी, वर्षा बांठिया, ज्ञानशाला मुख्य प्रशिक्षक मोनिका कोठारी एवं अन्य प्रशिक्षिकाओं की उपस्थिति रही।
Editorial

Editorial

Next Story