Governor Kalraj Mishra - Fundamental research and research in Ayurveda should be encouraged
जयपुर (कासं)। राज्यपाल कलराज मिश्र (Governor Kalraj Mishra) ने आयुर्वेद के अंतर्गत शिशु रोगों के उपचार की समुचित व्यवस्था के लिए प्रभावी चिकित्सा तंत्र विकसित किए जाने का आह्वान किया है।
मिश्र डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में बाल रोग विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय बाल स्वास्थ्य विषयक अन्तर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस 'कौमारकॉन-2023' के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आयुर्वेद को महत्वपूर्ण चिकित्सा पद्धति बताते हुए कहा कि इसमें मौलिक शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में महर्षि काश्यप ने पृथक से शिशुओं के पोषण से जुड़ी चिकित्सा के सूत्र हमें दिए हैं। आयुर्वेद आयु और जीवन से जुड़े ज्ञान का विज्ञान है।
उन्होंने आयुर्वेद की संपन्न भारतीय परंपरा को आधुनिक परिपेक्ष में प्रासंगिक किए जाने के लिए भी अधिकाधिक प्रयास किए जाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति ने और कार्यक्रम के संयोजक प्रो. पी. पी. व्यास संगोष्ठी के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत, एन. सी. आई. एस. एम. नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. जयन्त देवपुजारी, जापान के आयुर्वेद विशेषज्ञ प्रो. हरिशंकर शर्मा, और विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भी आयुर्वेद की आधुनिकि पर विचार रखे। इस मौके पर अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय संस्थानों से शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने 11 एम.ओ.यू. हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी राज्यपाल मिश्र ने किया।
उद्घाटन समारोह के पूर्व राज्यपाल ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर स्थित होम्योपैथिक चिकित्सालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। राज्यपाल मिश्र ने संविधान के मूल कर्तव्यों की शपथ दिलाई ।
Editorial

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