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पंचदिवसीय प्रवास हेतु आचार्य महाश्रमण का चेम्बूर में पावन प्रवेश
By EditorialPublished on
आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) धवल सेना के साथ चेम्बूर (Chembur) में पंचदिवसीय प्रवास हेतु पहुँचे तो मानों पूरा चेम्बूर चमक उठा। उनके स्वागत में सड़कों पर उमड़ी जनता में आनंद और उमंग स्पष्ट दिख रहा था। बुलंद जयघोष से पूरा चेम्बूर महाश्रमणमय बन रहा था। स्वागत जुलूस के साथ आचार्यश्री ने एनजी आचार्य एण्ड डीके मराठे कॉलेज परिसर में प्रवेश किया।

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मुंबई । आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) धवल सेना के साथ चेम्बूर (Chembur) में पंचदिवसीय प्रवास हेतु पहुँचे तो मानों पूरा चेम्बूर चमक उठा। उनके स्वागत में सड़कों पर उमड़ी जनता में आनंद और उमंग स्पष्ट दिख रहा था। बुलंद जयघोष से पूरा चेम्बूर महाश्रमणमय बन रहा था। स्वागत जुलूस के साथ आचार्यश्री ने एनजी आचार्य एण्ड डीके मराठे कॉलेज परिसर में प्रवेश किया।
इसके पूर्व आचार्य महाश्रमण ने काजूपाड़ा से प्रस्थान किया। काजूपाड़ावासी उनके चरणों में प्रणति अर्पित कर रहे थे। उपनगरीय यात्रा के दौरान आचार्यश्री चेम्बूर में पाँच दिन प्रवास करेंगे। चेम्बूर में ही 2024 के मंगलपाठ का आयोजन भी निर्धारित है। अपने क्षेत्र में पांच दिनों का प्रवास प्राप्त कर चेम्बूरवासी आह्लादित थे। क्षेत्र को बैनर और होर्डिंग्स से सजा रखा था। आचार्यश्री ने जैसे ही चेम्बूर की सीमा में प्रवेश किया, श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
कॉलेज परिसर में आचार्य महाश्रमण ने पावन पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि भौतिकतावाद और अध्यात्मिकतावाद की बात बताई जाती है। सामान्य तौर पर आदमी का आकर्षण भौतिकता की ओर इतना ज्यादा हो जाता है कि उसके जीवन से आध्यात्मिकता मानों गौण हो जाती है। आवश्यकता नहीं होने पर भी आदमी लालसा, आकांक्षा और इच्छाओं के वशीभूत हो जाता है। श्रावक के बारह व्रतों में पांचवा व्रत है इच्छा परिमाण व्रत। आदमी को अपनी इच्छाओं को कम करने का प्रयास करना चाहिए। आदमी को सदिच्छा को रखने और दुरिच्छा से बचने का प्रयास करे। धर्म में रत रहने की इच्छा, सेवा की इच्छा, परोपकार की इच्छा तो अच्छी बात हो सकती है। आदमी को अपने भीतर संतोष रूपी गुण का विकास करने का प्रयास करना चाहिए। ज्यादा इच्छाओं को आदमी पाल ले और वह इच्छाएं पूर्ण न हों तो आदमी दुःखी बन सकता है, किन्तु संतोषी आदमी ऐसे दुःखे से बच सकता है और उसे परम सुख की प्राप्ति हो सकती है। उन्होंने चेम्बूरवासियों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि आज यहां आना हुआ है। यहां की जनता में धार्मिक-आध्यात्मिक विकास होता रहे।
साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा ने भी उद्बोधित किया। स्थानीय स्वागताध्यक्ष मीनाक्षी जुगराज बोहरा ने अभिव्यक्ति दी। चेम्बूर तेरापंथ समाज ने स्वागत गीत का संगान किया। सभाध्यक्ष जुगराज बोहरा के अनुसार आचार्य प्रवर, मुख्य मुनि महावीर कुमार, साध्वी प्रमुखा विश्रुत विभा, साध्वी वर्या संबुद्धयशा व धवल वाहिनी का यहाँ 1 जनवरी तक प्रवास रहेगा।
सभा मंत्री रिंकू बापना के अनुसार स्वागताध्यक्ष मीनाक्षी जुगराज बोहरा के साथ अतिथि सत्कार में महेन्द्र रिंकु अर्पित बापना, पुखराज नोरतमल नरेन्द्र संदीप जीवेश दुग्गड का योगदान रहा। प्रचार प्रसार सहयोगी दाखुबाई मोतीलाल धाकड़, अरविंद भगवतीलाल धाकड़ का सहयोग है।
स्वागत समिति सदस्य मोतीलाल संदीप कोठारी, मीठालाल ताराचंद गन्ना, मूलचंद चैत्य लोढा, रमेशचंद्र लोकेश धोका, भंवरलाल अशोक तातेड, सुरेशकुमार सूरज धाकड, हस्तीमल मुकेश बड़ाला, दिलीपकुमार कपिल मेहता, विमलकुमार डॉ. अविन वागरेचा, सायरदेवी मदनलाल कोठारी, लक्ष्मण हर्षद कोठारी, श्रीमती कांति डॉ. दीपा खुराणा, संजय प्रविण कोठारी हैं।
तेरापंथी सभा ट्रस्ट चेम्बूर युवक परिषद महिला मंडल समस्त संघीय संस्थाएँ प्रवास व्यवस्था समिति मुंबई अध्यक्ष मदनलाल तातेड मुख्य प्रबंधक मनोहरलाल गोखरू महामंत्री सुरेंद्र कोठारी महेश बाफना कोषाध्यक्ष गौतम कोठारी व्यवस्था समिति का सहयोग रहा।
चेंबूर तेरापंथ सभा अध्यक्ष जुगराज बोहरा मंत्री रिंकू बापना युवक परिषद के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप कोठरी ताराचंद गन्ना हिमासू गन्ना सुरेश धाकड सुभाष चण्डालिया दिलीप मेहता लक्ष्मण कोठरी अरविन्द भगवती लाल धाकड मूल चंद लोढ़ा विनीत पटवारी अरुण धाकड़ कपिल मेहता देवेंद्र बापना रमेश धोका चेंबूर युवक परिषद टीम मनीषा कोठारी बेला डांगी रेखा डागलिया महिला मण्डल संयोजिका विशाखा बापना कन्या मंडल किशोर मंडल तेरापंथ समाज का सहयोग मिल रहा है।

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