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चूनाभट्टी हत्याकांड में जूलर समेत दो और गिरफ्तार
By EditorialPublished on
चूनाभट्टी में एक स्थानीय गैंगस्टर सुमीत येरूणकर (38) की गोली मारकर हुई हत्या (Chunabhatti Murder) के मामले में पुलिस ने कलंबोली के एक जूलर और एक अन्य शख्स को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब गिरफ्तार आरोपियों की संख्या छह पर पहुंच गई है।

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मुंबई । चूनाभट्टी में एक स्थानीय गैंगस्टर सुमीत येरूणकर (38) की गोली मारकर हुई हत्या (Chunabhatti Murder) के मामले में पुलिस ने कलंबोली के एक जूलर और एक अन्य शख्स को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब गिरफ्तार आरोपियों की संख्या छह पर पहुंच गई है।
जूलर सानिध्य देसाई को कलंबोली से गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि देसाई ने ही सुनील पाटील (37) नामक मुख्य आरोपी को हथियार और दो बाईक खरीदने के लिये आर्थिक सहायता दी थी। मंगलवार को गिरफ्तार अन्य एक आरोपी प्रभाकर पचिंद्रे पर आरोप है कि उसने घटनास्थल अर्थात आजाद गली में उस फोटो स्टूडियो की रेकी की थी जहां हत्यारों ने सुमीत येरूणकर को गोली मारकर धराशायी कर दिया था।
मिली जानकारी के मुताबिक, गैंगस्टर सुमीत येरूणकर अक्तूबर में ही जेल से बाहर आया था। साल 2016 में एक बिल्डर पर फायरिंग के मामले में उसे दोषमुक्त किये जाने के बाद वह जेल से छूटा था। पुलिस के मुताबिक, सुमीत ने पुणे के एक कुख्यात गैंग सरगना से हाथ मिला लिया था और हाल ही में उसने हथियारों की एक बड़ी खेप वहां से ली थी। यह भी कयास है कि सुमीत 2 जनवरी को अपने जन्मदिन के मौके पर एक राजनीतिक दल से जुड़ने की घोषणा करने जा रहा था। जिस वक्त सुमीत पर जानलेवा हमला किया गया, तब भी उसके पास एक अवैध हथियार था।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अभी सुनील, सागर सावंत (33), नरेंद्र ऊर्फ नरया पाटील (42) तथा आशुतोष ऊर्फ बाबू गावंड (25), से छुपाये गये हथियारों के बाबत पूछताछ की जा रही है। इन सभी आरोपियों को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सुमीत येरूणकर की रिहाई के बाद से ही इलाके में आपराधिक हिंसा के तनाव का माहौल बना हुआ था। कहा जा रहा है कि येरूणकर सुनील के गुर्गों को धमका रहा था और एक स्थानीय एसआरए बिल्डिंग प्रोजेक्ट का नियंत्रण अपने हाथ में लेना चाहता था। पुलिस के मुताबिक इसी के चलते सुनील और उसकी गैंग ने येरूणकर को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया था। रविवार को दोपहर सवा दो बजे येरूणकर रोशन लोखंडे (30) और आकाश खंडागले (31) के साथ श्री फोटो स्टूडियो की ओर जा रहे थे कि बीच राह उनका टकराव सुनील से हो गया था और दोनों के बीच गर्मागर्म बहस हो गई थी। इसके बाद जब साढे तीन बजे येरूणकर फोटो स्टूडियो में था, कि अचानक बाइकसवार चार हमलावर वहां पहुंचे और येरूणकर पर पंद्रह राउंड गोलियां चलाई गई। येरूणकर को दो गोली लगी जबकि लोखंडे, खंडागले, मदन पाटील और आठ साल की त्रिशा शर्मा को एक-एक गोली लग गई। येरूणकर को ईलाज के लिये सायन अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन बीच रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

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