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उदयपुर को प्रदूषण मुक्त करने केन्द्र ने भेजी 10 मशीनें
By EditorialPublished on
नगर निगम उदयपुर….. उदयपुर. नगर संवाददाता | लेकसिटी (Lakecity) अब प्रदूषित (polluted) होने लगी है और यहां के प्रदूषण स्तर (pollution level) को देखकर केन्द्र सरकार (central government) ने प्रदूषण कम करने के लिए 10 एंटी स्मोक गन मशीने खरीदकर भेजी है।

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नगर निगम उदयपुर….. उदयपुर. नगर संवाददाता | लेकसिटी (Lakecity) अब प्रदूषित (polluted) होने लगी है और यहां के प्रदूषण स्तर (pollution level) को देखकर केन्द्र सरकार (central government) ने प्रदूषण कम करने के लिए 10 एंटी स्मोक गन मशीने खरीदकर भेजी है। करीब दो करोड़ की लागत से केन्द्र सरकार ने खरीदी इन मशीनों को ऑपरेट भी वहीं कंपनी करेगी, जिसने इसका टेण्डर लिया है और निगम इस ऐजेन्सी को बताएगा कि कहां-कहां पर इन मशीनों को ले जाना है। निगम केवल मॉनिटरिंग करेगा। इन मशीनों को असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, विधायक ताराचंद जैन और महापौर जीएस टांक ने किया। जानकारी के अनुसार लेकसिटी में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए यहां के पर्यटन पर असर ना पड़े इसके लिए केन्द्र सरकार ने लेकसिटी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए अपने स्तर पर दो करोड़ रूपए की लागत से 10 एंटी स्मोक गन खरीदी है, हालांकि यह मशीने महानगरों में पहले से ही है पर उदयपुर का प्रदूषण स्तर बढ़ते देखकर केन्द्र सरकार ने 10 एंटी स्मोक गन को खरीदकर उदयपुर भेजा है। इन मशीनों को शहर के अलग-अलग स्थानों पर प्रतिदिन भेजा जाएगा और वहां के प्रदूषण स्तर को कम करने का प्रयास किया जाएगा। इन मशीनों का लोकार्पण रविवार को असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, शहर विधायक ताराचंद जैन, महापौर गोविंद सिंह टांक, आयुक्त वासुदेव मालावत, उपमहापौर पारस सिंघवी ने किया। गैराज समिति अध्यक्ष मनोहर चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार ने एन कैप योजना में इन मशीनों को खरीदा है, जिसमें से 8000 लीटर पानी की क्षमता की 2 बड़ी मशीन है जो ट्रक पर है। 2 बोलेरो एंटी स्मोग गन मशीन खरीदी है जिसकी क्षमता 1500 लीटर पानी की रहेगी। इसी के साथ 6 पोर्टेबल एंटी स्मोग गन मशीन भी खरीदी है जिनकी क्षमता 3000 लीटर की रहेगी जो विद्युत से संचालित होंगी। इन मशीनों को उदयपुर शहर के विभिन्न चौराहों के साथ-साथ शहर के भीतरी क्षेत्र में भेजा जाएगा, जिससे शहर का वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकेगा।
कृत्रिम बारिश पद्धति पर आधारित है मशीन
नगर निगम अधिशासी अभियंता (यांत्रिक) लखन लाल बैरवा ने बताया कि यह मशीन पूरी तरह कृत्रिम बारिश पद्धति पर आधारित है। इन मशीनो में पानी प्रेशर से मिस्ट के रूप में परिवर्तित करते हुए हवा में 25 से 30 मीटर ऊंचाई तक फुहार के के रूप में भेजा जाता है और संपर्क में आने वाले वायु में मिश्रित 2.5 से 10 माइक्रोन तक के डस्ट पार्टिकल को जमीन पर गिराने का कार्य करता है। एक तौर पर यह मशीन कृत्रिम बारिश का कार्य करेगी जिससे वायु प्रदूषण को न्यूनतम किया जा सकेगा ।
निगम की केवल मॉनिटरिंग, रख रखाव कंपनी का
केन्द्र की ओर से भेजी गई इन एंटी स्मोक गन का निगम केवल मॉनिटरिंग करेगा। इन मशीनों के संचालन से लेकर मेंटेनेंस तक का काम कंपनी द्वारा ही किया जाएगा। कंपनी के ही लोग इन मशीनों को चलाएंगे। निगम तो केवल जगह बताएगा, जहां पर जाकर इन मशीनों से वायु प्रदूषण किया जाएगा।
यहां पर होगा इन मशीनों का उपयोग
उपमहापौर पारस सिंघवी ने बताया कि शहर के उदियापोल चौराहा, यूरजपोल चौराहा, देहली गेट, चेतक सर्कल, सुखाडिया सर्कल एवं माद औद्योगिक क्षेत्र में नियमित रूप पर से इन मशीनों का संच जाएगा, जिससे वहां वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम किया जा सके। साथ ही जो बड़ी एंटी स्मोग गन मशीन है उन्हें नियमित रूप से मुख्य मार्ग पर उपयोग में लिया जाएगा एवं छोटी बोलेरो शहर के भीतरी क्षेत्रों के वायु प्रदूषण को कम करने हेतु उपयोग में लिया जाएगा।
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