Farewell ceremony of Mewar Mahila Mandal concluded
मुंबई। मेवाड़ महिला मंडल मुंबई की कार्यकारिणी के 3 वर्ष पूरे होने पर विदाई समारोह मेवाड भवन गोरेगांव में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के पहले चरण में महिला मंडल की प्रथम अध्यक्ष व संरक्षक संतोष बेन सिंघवी की गुणाणुवाद सभा रखी गई। इस दौरान मेवाड संघ संरक्षक सी एन जैन, चुनाव अधिकारी बी बी लोढा़, महामंत्री महावीर तातेड़, प्रकाश सिंघवी, मांगीलाल लोढ़ा, प्रीति नाहर, लोकेश कोठारी, सुरेश सिंघवी, कल्पना सुराणा, श्वेता सिंघवी ने सिंघवी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। सिघवी को मरणोपरांत मेवाड़ संघ अध्यक्ष नेमीचंद धाकड़ व महामंत्री महावीर तातेड़ के नेतृत्व में मूल स्तंभ वाहिनी व महिला मंडल अध्यक्ष कंचन एस सिंघवी व महामंत्री कंचन एल सिंघवी द्वारा मूल स्तंभ रत्नेश्वरी सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान सिंघवी के परिजनों व मेवाड़ संघ मुंबई के प्रथम अध्यक्ष मीठालाल सिंघवी ने ग्रहण किया।
दूसरे चरण में सम्मान समारोह व विदाई का आयोजन रखा गया। इस अवसर पर 3 वर्ष के कार्यकाल में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले महिला पदाधिकारी व सहयोगी संस्थाओं के प्रमुख लोगों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपमंडलों द्वारा किए गए कार्यों का रिजल्ट घोषित किया गया, जिसमें प्रथम घाटकोपर, द्वितीय ठाकुरद्वार, तृतीय भायंदर एवं चेंबूर, चतुर्थ बोरीवली, पंचम कांदिवली, छठा साँताक्रुज एवं मीरा रोड, सातवाँ नालासोपारा, आठवाँ पनवेल व नवें स्थान पर विलेपार्ले एवं नेरुल उपमंडल रहे। संचालन महामंत्री कंचन एल सिंघवी ने किया।
Mewar Mahila Mandal
कार्यकम को सफल बनाने में प्रमुख ललिता सोनी, हेमा मांडोत, केसर बंबोरी, प्रेमा सिंघवी, सुरेखा मादरेचा, लीला बोहरा, कांता सिसोदिया, लीला खरवड़, मीनाक्षी मेहता, ममता वडाला, सुनीता कोठारी, कुसुम तातेड़, मोनिका बनवट, मंजू लोढ़ा, सारिका कागरेचा, प्रेमा ए राजावत, सुमन बाफना, शकुंतला सोनी, संगीता पगारिया, कमला बडाला, सीमा सिंयाल, रेखा सिंघवी, श्वेता सिंघवी, उषा बदामा, सुनिता वदामा, सुशीला डागलिया, हेमा सिंघवी, पिंकी नाहर, प्रीति पामेचा, लक्ष्मी इटोदिया, लीला सिंयाल, कैलाश वागरेचा, विद्या लोढ़ा, शांता वडालमिया, उगमबेन परमार, चंचल तातेड़, रेखा कोठारी, प्रेमा डी राजावत, पवन सिसोदिया, कल्पना कोठारी, रेखा नाहर, अनीता सियाल, प्रियंका हिंगड़, मंजू हिंगड़, भंवरीबेन सांखला, पुष्पा कोठारी, संगीता संचेती, भारती वडाला, मंजु तांतेड, कमला सिंयाल, ममता हिरण, सरोज पगारिया, कंकु सुराणा, रेखा मेहता, कुसुम सिसोदिया, चंदनबाला कुकड़ा, मीना सिसोदिया, केसरबेन कुमठ, आशा सोलंकी, रानी रांका, रेखा बंबोरी, लक्ष्मी बोहरा, प्रेमलता पोखरना, पुष्पा सेठिया, लीला सांखला, मीना सोनी, कमला लोढा, लीला मादरेचा, रेखा मारू, कोमल बोहरा, मधु चौधरी आदि सक्रिय रहे।
Farewell ceremony of Mewar Mahila Mandal
मेवाड़ संघ अध्यक्ष नेमीचंद धाकड़, महामंत्री महावीर तातेड, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी लाल बड़ालमिया, संरक्षक चतरलाल लोढा़, चुनाव अधिकारी बीबी लोढा, सचेतक हरकलाल लोढा, सुरेश सिंघवी, मनोहर लाल लोढा, जितमल वागरेचा, फुलचंद नाहर, शोभालाल सिंघवी, बंसीलाल सिंघवी, शांतिलाल सिंघवी, प्रकाश सिंघवी, संजय सिंघवी, मनोहर लोढा़, मितेश लोढ़ा, शांतिलाल गोलेचा, मदन चपलोत, हेमंत गोखरू, गौरव सिंघवी, कबीर सिंघवी, निर्मला सिंघवी, दिलखुश सिंघवी, सुशिला गोखरू, आशा सिंघवी, श्वेता सिंघवी, सुरभि सिंघवी, जीतमल वागरेचा, पारस तातेड, मनोहरलाल लोढ़ा, भोलीलाल कोठारी, लक्ष्मीलाल वडालमिया, नेमीचंद चिपड़, संजय सिंयाल, फूलचंद नाहर, प्रकाश नाहर, प्रकाश चंडालिया, कार्यकारी संरक्षक बेबीबेन डागलिया, कार्यकारी प्रमुख लाजवंती बडाला, उपप्रमुख अंजना तातेड़, राजकुमारी बोहरा, जीनल पामेचा, सुरभि कच्छारा, दिशा वदामा उपस्थित रहे।
Awards Ceremony
महिला मंडल अध्यक्ष कंचन एस सिंघवी ने कहा कि अध्यक्ष के रूप में मुझे जो सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ, उसके पीछे असली ताकत उपसंघों की और केंद्रीय कमेटी की बहनों की थी। मैं इन बहनों का प्यार कभी भूल नहीं सकती हूं।
संचालन करते हुए महामंत्री कंचन एल सिंघवी ने विभिन्न उपसंघों और केंद्रीय कमेटी के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेवाड़ महिला मंडल का संगठन आज पूरे भारत में सशक्त पहचान बनाने में कामयाब रहा है। इस संगठन को और हमें आगे ले जाना है, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ी को मिल सकेगा।
Farewell ceremony of Mewar Mahila Mandal concluded
कोषाध्यक्ष विजयलक्ष्मी चंडालिया ने कार्यों का विवरण प्रस्तुत करते हुए कि महिला मंडल एक परिवार है जिसमें सभी लोग हिल मिलकर समाज उत्थान में अपना योगदान दे रहे है। उन्होंने कहा कि संगठन नए सोपान की ओर बढ़ रहा है। हमें इसे और मजबूत बनाना है। साथ ही कन्याओं को भी सशक्त मार्गदर्शन देना है, ताकि समाज सही दिशा में चल सके।
Editorial

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