calcium
हड्डियों के विकास के लिए कैल्शियम (calcium) बहत जरूरी है। खासकर प्रेग्नेंट महिलाओं को इसकी बहुत जरूरत पड़ती है क्योंकि मां के कैल्शियम खाने से ही बच्चे को कैल्शियम मिलता है और हड्डियों का विकास होता है। अगर वह पर्याप्त कैल्शियम नहीं लेती तो डिलीवरी के बाद मां के शरीर में भी कमजोरी आने लगती है जो गठिए और कमर दर्द की वजह बन सकती है। रिसर्च की मानें तो भारत में टीनएज लड़कियों में 20 प्रतिशत जबकि 30 के बाद की 70 प्रतिशत महिलाओं में कैल्शियम की कमी पाई गई। बता दें कि 30 साल की उम्र के बाद महिला के शरीर में इस तत्व की कमी होने लगती है इसलिए ऐसे आहार खाना बहुत जरूरी है जो कैल्शियम का बढ़िया स्त्रोत हो।
शरीर के लिए क्यों जरूरी है कैल्शियम ?
• कैल्शियम, मांसपेशियों को गतिशील बनाता है और शरीर की कोशिकाएं हर पल कार्य करने के लिए सक्रिय रहती है। यह सिर्फ हड्डियां ही नहीं, हाई ब्लड प्रैशर, कैंसर और डायबिटीज से भी बचाव करता है।
बढ़ती उम्र में क्यों जरूरी है कैल्शियम ?
• 30 के बाद हड्डियों का पूरी तरह से विकास हो जाता है लेकिन कैल्शियम की जरूरत तब भी पड़ती है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 1500 मि.ली. कैल्शियम की जरूरत होती है। इस उम्र में कैल्शियम की कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो
जाती हैं।
महिलाओं में क्यों होती है ज्यादा कमी
• पुरूषों के मुकाबले, महिलाओं में कैल्शियम की कमी ज्यादा देखने को मिलती है। ऐसे इसलिए होता है क्योंकि पीरियड्स, प्रेग्नेंसी व मेनोपॉज के समय उनके शरीर में कैल्शियम की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को 30 की उम्र के बाद कैल्शियम की ज्यादा होती है
बालों का झड़ना
बालों के झड़ने की समस्या भी कैल्शियम की कमी की वजह से होती है। कई औरतों के बाल समय से पहले ही सफेद होने लगते हैं। बाल कठोर हो जाते हैं और उनमें रूखापन हो जाता है। इस तरह के लक्षण यदी आपको भी दिखाई दें तो कैल्शियम की कमी की जांच अवश्य करवा लें।
हड्डियां कमजोर होना
• छोटी-मोटी चोट से हड्डी का टूट जाना, कैल्शियम की कमी का सबसे बड़ा लक्ष्ण है। कई बार औरतों को पीठ में या फिर झांघो में तेज दर्द से गुजरना पड़ता है। साथ ही मासपेशियों में अकड़न और दर्द भी सहता है। रसोई में या घर में कुछ छोटा-मोटा उठाने पर हाथ की कलाई में मोच आ जाना या फिर यूं ही चलते-चलते पैर में मोच आ जाना शरीर में कैल्शियम की कमी की वजह से ही होता है।
दांतो में कमजोरी
• दूसरा मुख्य लक्ष्ण दांतो में तेज दर्द होना या फिर समय से पहले ही दांतो का टूट जाना कैल्शियम की कमी का ही लक्ष्ण है। कई बार इस कमी की वजह से मसूड़ों में से खून भी निकलना शुरु हो जाता है।
नाखून कमजोर होना
● बिना वजह से नाखून टूटते रहना या फिर नाखूनों पर सफेद दाग भी कैल्शियम की कमी से होते हैं। जिन लड़कियों को दांत चबाने की आदत होती है उनमें भी कैल्शियम की कमी होती है।
मासिक धर्म में देरी
• कैल्शियम की कमी से पीड़ित लड़कियों में माहवारी देरी से शुरु होती है। कई पीरियड्स में देरी खून की कमी को समझ लेते हैं लेकिन ऐसा नहीं होता। किशोरियों में यौवन आने में देरी हो और मासिक धर्म में गड़बड़ी हो तो यह कैल?शियम की कमी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में कई किशोरियों को मासिक से पहले काफी पीड़ा भी हो सकती है।
Editorial

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