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लोक संस्कृति में ही समाई है जीवन की सुगंध : राज्यपाल
By EditorialPublished on
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उदयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र (Governor Kalraj Mishra) ने कहा कि लोक संस्कृति (folk culture) में ही जीवन की सुगंध समाई (fragrance of life ) होती है। संस्कृति कोई वस्तु नहीं, बल्कि जीवन जीने की ढंग होती है। हर देशवासी का कर्तव्य है कि वह अपनी संस्कृति को सहेजे और उसे अक्षुण्ण बनाए रखे। मिश्र ने राजस्थान के शौर्य और बलिदान को याद करते हुए महाराणा प्रताप, पन्नाधाय के साथ ही महलों और मंदिरों की भूमि बताते हुए कहा कि मरुधरा के तो कण-कण में कला और संस्कृति है। उन्होंने शिल्पग्राम उत्सव (Shilpgram Utsav) के आयोजन के लिए पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर और केंद्र की निदेशक किरण सोनी गुप्ता और उनकी टीम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और बधाई दी ।
वे केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय (Union Ministry of Culture) के अंतर्गत पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (West Zone Cultural Center), उदयपुर की ओर से आयोजित किए जा रहे दस दिवसीय शिल्पग्राम उत्सव में कला प्रेमियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिल्पग्राम उत्सव साधारण उत्सव नहीं, बल्कि देशभर की लोक संस्कृति के अनूठे संगम का प्रतीक है। यहां देश के विभिन्न राज्यों के विभिन्न भाषाओं, खान-पान वाले लोगों को एक-दूसरे से मिलने और समझने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प और तमाम लोक कलाओं के संगम से ही शिल्पग्राम जीवंत होता है। जब सबका एक ही लक्ष्य, एक ही भावना का समावेश होता है, तभी ऐसे उत्सव की संकल्पना साकार रूप लेती है। राज्यपाल ने शिल्पग्राम उत्सव के दौरान लगने वाले कला शिविर, प्रतियोगिता कार्यशाला और प्रदर्शनी की सराहना की। इससे पहले राज्यपाल ने शिल्पग्राम के संगम सभागार में म्यूरल कला प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन किया। उन्होंने हाट बाजार भी देखा|
स्वागत संबोधन में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर की निदेशक किरण सोनी गुप्ता ने कहा कि कला-संस्कृति हमारी पहचान ही नहीं, देश की शक्ति भी है। हम सबका कर्तव्य है कि लोक संस्कृति से जन-जन को जोड़ें, साथ ही नए लोगों में भी इससे जुड़ाव पैदा करें। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर ने केंद्र सरकार की पॉलिसी के अनुसार हर घर तिरंगा, वंदे मातरम, राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव जैसे सफल आयोजन किए हैं। इसके अलावा कला को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कई कार्यशालाएं और शिविर भी लगाए। उन्होंने कहा कि शिल्पग्राम उत्सव हमारे केंद्र का बड़ा आइकोनिक प्रोग्राम है। मेयर गोविंद सिंह टांक ने उदयपुरवासियों का आह्वान किया कि यहां लगे शिल्पकारों के स्टाल्स से खरीदारी जरूर करें। राज्यपाल कलराज मिश्र, उदयपुर के महापौर जीएस टांक और पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की निदेशक किरण सोनी गुप्ता ने दीप प्रज्वलन के बाद ढोल वादन कर उत्सव का विधिवत आगाज किया।
व्यास और जड़ेजा को डॉ. कोमल कोठारी स्मृति लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 25 साल से उत्कृष्ट लेखन से लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले डॉ. राजेश कुमार व्यास और लोक नृत्य प्रस्तुतीकरण एवं नृत्य निर्देशन में चार दशकों से योगदान देने वाले जयेंद्र सिंह जाडेजा को पद्म भूषण डॉ. कोमल कोठारी स्मृति लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान से राज्यपाल ने नवाजा। प्रत्येक को 2.51 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान करने के साथ ही शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

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