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मुंबई में बनेगा आधुनिक जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क
By EditorialPublished on
महाराष्ट्र (Maharashtra) से उद्योगों (Industries) के बाहर जाने के विपक्ष के आरोपों का उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने जवाब दिया। राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विपक्षी दलों ने सूरत डायमंड बोर्स का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि हीरा उद्योग मुंबई से गुजरात (Gujarat) शिफ्ट हो रहा है। इस पर फडणवीस ने कहा, सूरत शिवाजी महाराज के समय से ही हीरे का बड़ा मार्केट रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे कोरोना काल में मुंबई (Mumbai) में हीरा कारोबार आठ महीने तक ठप रहा और यह भी बताया कि डा

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मुंबई । महाराष्ट्र (Maharashtra) से उद्योगों (Industries) के बाहर जाने के विपक्ष के आरोपों का उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने जवाब दिया। राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विपक्षी दलों ने सूरत डायमंड बोर्स का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि हीरा उद्योग मुंबई से गुजरात (Gujarat) शिफ्ट हो रहा है। इस पर फडणवीस ने कहा, सूरत शिवाजी महाराज के समय से ही हीरे का बड़ा मार्केट रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे कोरोना काल में मुंबई (Mumbai) में हीरा कारोबार आठ महीने तक ठप रहा और यह भी बताया कि डायमंड बोर्स सूरत क्यों गया। बीजेपी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा, हमने मुंबई में नए जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क (Modern Gems and Jewellery Park) को बनाने के लिए जगह दे दी है। हम देश में सबसे आधुनिक जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क का निर्माण यहां कर रहे हैं। मुंबई में उत्पादन करने का निर्णय लिया गया है। उद्योग राज्य से बाहर नहीं जा रहा है बल्कि आ रहे हैं। फडणवीस कहा, हम निर्यात करते हैं। सूरत में उत्पादन होता है। हालाँकि उत्पादन सूरत में हो रहा है, लेकिन फिर भी एक भी उद्योग हमारा सूरत में शिफ्ट नहीं हुआ है। इसके विपरीत, हमारे यहां हीरा उद्योग बढ़ रहा है। मुंबई भारत डायमंड कंपनी के कर्मचारियों ने कहा कि वे शिफ्ट नहीं होना चाहते।
उन्होंने बताया कि, हम अकेले मुंबई से 38 अरब डॉलर मूल्य के जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात करते हैं। जो देश के कुल निर्यात का 75 फीसदी है। इसमें सूरत की हिस्सेदारी 12 फीसदी है। जबकि जयपुर की हिस्सेदारी 3.12 फीसदी है।
कुल निर्यात में पॉली डायमंड की हिस्सेदारी 97 प्रतिशत है। कोविड-19 काल में भारत डायमंड गुड्स हमसे कहते थे कि हमें निर्यात करने दीजिए, लेकिन तब एमवीए सरकार ने खुलने नहीं दिया। परिणामस्वरूप, 2020-21 में हमारा निर्यात गिर गया। जबकि 2 फीसदी निर्यात करने वाला सूरत 7 फीसदी पर आ गया। मैंने उस समय खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था। लेकिन उन्होंने बहुत देर से निर्यात करने की अनुमति दी। 8 महीने तक हमारे यहां से निर्यात बंद रहा।

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