Modi's Guarantee
नई दिल्ली (एजेंसी)। काशी (Kashi) की अपनी दो दिवसीय यात्रा के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) की तैयारियों का एलान कर दिया है। 2014 और 2019 में भी अपनी लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) की तैयारियों का श्री गणेश (Shri Ganesh) भी उन्होंने बाबा विश्वनाथ की धरती काशी से ही किया था। दोनों ही बार नए रिकॉर्ड के साथ केंद्र की सत्ता में पहुंचे नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के लिए इस बार अपने ही रिकॉर्ड (record) को तोड़ने की चुनौती होगी। वे अब तक हर बार पहले से ज्यादा बहुमत के साथ जीतते रहे हैं। ऐसे में इस बार यह देखने की बात होगी कि क्या वे अपनी पिछली सीटों की संख्या में कोई बढ़ोतरी कर पाते हैं, या नहीं?
अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए प्रधानमंत्री और भाजपा 'मोदी की गारंटी' पर जोर दे रहे हैं। स्वयं प्रधानमंत्री अपने संबोधनों में लगातार बार-बार मोदी की गारंटी का जिक्र कर रहे हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनावों में भी लगातार इस शब्द समूह का उपयोग किया गया। जिस तरह भाजपा इसका बार-बार प्रचार कर रही है, लोकसभा चुनाव में भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में इसका उल्लेख किया जा सकता है। मोदी की गारंटी के नाम से जनता से कुछ वादे किए जा सकते हैं। ये वादे ऐसे हो सकते हैं जो भाजपा को जीत की गारंटी दे सकें। यानी 'मोदी की गारंटी, भाजपा के लिए 'जीत की गारंटी बनकर उभरे' पार्टी इस बात की कोशिश करेगी ।
काशी पहुंचने के पहले नरेंद्र मोदी ने अपने राज्य गुजरात के सूरत शहर में दुनिया के सबसे बड़े ऑफिस का उद्घाटन किया। इस सूरत डायमंड बोर्स 67 लाख वर्ग फुट में बना दुनिया का सबसे बड़ा कार्यालय करार दिया जा रहा है। मोदी ने दावा किया है कि इसके बनने के बाद सूरत में 1.5 लाख नई नौकरियों का सृजन होगा। सूरत का डायमंड बाजार अकेले अपने दम पर 8 लाख नौकरियां देता है। अब उसके रोजगार सृजन में बड़ी वृद्धि होने का अनुमान है। सूरत के हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर की उड़ानें प्रदान करने की सुविधा मिलने से भी यहां रोजगार में वृद्धि होने की संभावना है।
सूरत में अपने संबोधन में भी प्रधानमंत्री ने 'मोदी की गारंटी' शब्द समूह का इस्तेमाल किया । इस गारंटी में देश की जनता के लिए वैश्विक स्तर पर भारत की नई पहचान बनाने के साथ-साथ रोजगार मिलने की गारंटी देने का संदेश भी शामिल है। काशी में भी प्रधानमंत्री नए रोजगार, नए संदेश देने की कोशिश करने वाले हैं। मोदी की यह गारंटी युवाओं को आकर्षित करने वाली हो सकती है।
मोदी के एक हाथ में विकास का मंत्र है तो दूसरे हाथ से वे धर्म की माला भी जप रहे हैं। काशी में जिस तरह नमो घाट, काशी के जीर्णोद्धार का उन्होंने प्रयास किया है, भाजपा को उसका लाभ अवश्य मिलेगा। काशी की धर्म परंपरा को तमिल की धर्म परंपरा से जोड़ने की कोशिश और देश के दोनों छोरों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ने से भी एक नया संदेश जाएगा । एक महीने बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में 22 जनवरी को भगवान राम के मंदिर का भी उद्घाटन करेंगे। इसी महीने के अंदर में अयोध्या के हवाई अड्डे से उड़ानें शुरू हो जाएंगी। इसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे भी उत्तर प्रदेश के विकास और धार्मिक पर्यटन को एक नई ऊंचाई मिलने वाली है। मोदी की विकास और धर्म की ये राजनीति भाजपा को तीसरी बार भी सत्ता में ले आए तो इस पर किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। इसे पूरी तरह मोदी की गारंटी ही कहा जाएगा।
Editorial

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