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राम मंदिर में सोने की पादुकाएं विराजित
By EditorialPublished on
अयोध्या (Ayodhya) में 22 जनवरी 2024 को भगवान श्रीराम के मंदिर (Temple of Lord Shri Ram) की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उनकी चरण पादुकाएं भी रखी जाएंगी। फिलहाल ये पादुकाएं देशभर में घुमाई जा रही हैं। पादुकाएं प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव से पहले 19 जनवरी को अयोध्या पहुंचेंगी।

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अहमदाबाद/अयोध्या (एजेंसी)। अयोध्या (Ayodhya) में 22 जनवरी 2024 को भगवान श्रीराम के मंदिर (Temple of Lord Shri Ram) की प्राण प्रतिष्ठा के बाद उनकी चरण पादुकाएं भी रखी जाएंगी। फिलहाल ये पादुकाएं देशभर में घुमाई जा रही हैं। पादुकाएं प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव से पहले 19 जनवरी को अयोध्या पहुंचेंगी।
ये चरण पादुकाएं एक किलो सोने और 7 किलो चांदी से बनाई गई हैं। इन्हें हैदराबाद के श्रीचल्ला श्रीनिवास शास्त्री (Srichalla Srinivas Shastri) ने बनाया है। इसी सिलसिले में रविवार को इन्हें रामेश्वर धाम ( Rameshwar Dham) से अहमदाबाद (Ahmedabad) लाया गया। यहां से सोमनाथ (Somnath) ज्योतिर्लिंग धाम (Jyotirling Dham), द्वारकाधीश नगरी (Dwarkadhish Nagri) और इसके बाद बद्रीनाथ (Badrinath) ले जाई जाएंगी। श्रीचल्ला श्रीनिवास इन पादुकाओं को हाथ में लेकर अयोध्या में निर्माणाधीन मंदिर की 41 दिन की परिक्रमा भी कर चुके हैं।
राम मंदिर का फर्स्ट फ्लोर 80% तैयार
इधर, अयोध्या में राम मंदिर का फर्स्ट फ्लोर 80% बनकर तैयार हो चुका है। अब पत्थर के फर्श की घिसाई और पिलर्स को कलाकार अंतिम रूप दे रहे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट दिसंबर के आखिर तक फिनिशिंग और फर्स्ट फ्लोर का निर्माण पूरा करने का दावा कर रहा है। समय पर निर्माण पूरे कराने के लिए राम मंदिर परिसर में मजदूरों की संख्या 3200 से बढ़ाकर 3500 कर दी गई है।
मंदिर परिसर में वीवीआईपी विजिट रोकी गई
मंदिर निर्माण स्थल पर वीवीआईपी के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके पीछे ट्रस्ट का उद्देश्य मंदिर निर्माण की गति बिना अवरोध लगातार जारी रखना है। एल एंड टी और टीएसी के इंजीनियर्स की देखरेख में 8-8 घंटे की 3 शिफ्टों में मंदिर निर्माण का काम लगातार चल रहा है।

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