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मुंबई। आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) ने रविवार प्रातः दक्षिण मुम्बई के आचार्य महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल (Acharya Mahapragya Public School) में पावन प्रवेश किया। दक्षिण मुम्बईवासी प्रवेश को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे थे। विहार के दौरान आचार्यश्री का भिण्डी बाजार में मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वागत किया। सभी को आशीष प्रदान करते हुए वे गंतव्य की ओर गतिमान थे।
मुम्बादेवी पार्किंग कम्पाउण्ड में बने महाप्रज्ञ महाश्रमण समवसरण में आचार्यश्री ने कहा कि सौभाग्य से प्राप्त इस मानव जीवन का मूल लक्ष्य हो अपने पूर्व कर्मों का क्षय कर मोक्ष को प्राप्त करना। इसके लिए मनुष्य को जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। शरीर को पोषण देने का मुख्य लक्ष्य कर्मों का शोषण होना चाहिए। उन्होंने सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति की प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि इन तीन बातों का ही पालन मानव अपने जीवन में कर ले तो कर्मों का क्षय कर मोक्ष प्राप्ति की दिशा में गति कर सकता है।
आचार्यश्री ने प्रवचन के दौरान साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा के 67वें जन्मदिवस पर उन्हें आशीर्वाद भी प्रदान किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर व कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा को आचार्यश्री ने कहा कि राजनीति के कार्यों में भी नैतिकता रहे और जनकल्याण की भावना हो तो राजनीति भी सेवा का अच्छा माध्यम सिद्ध हो सकती है।
आचार्य महाश्रमण के प्रवचन के उपरान्त साध्वीप्रमुखा साध्वी विश्रुतविभा ने संबोधित किया। महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने कहा कि आचार्य महाश्रमण के दर्शन का अवसर प्राप्त हो जाना बहुत बड़ी पुण्याई है। मैं समस्त जनता की ओर से आपका हार्दिक स्वागत करता हूं। कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि आचार्यश्री का व्यक्तित्व चमत्कारिक है। उनके दर्शन मात्र से ही कितनी समस्याओं का समाधान हो जाता है।
दक्षिण मुम्बई सभा अध्यक्ष गणपत डागलिया ने अपनी अभिव्यक्ति दी। ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने प्रस्तुति दी। ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं ने स्वागत गीत का संगान किया।
Editorial

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