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गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान तलवार पर उठा सवाल
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मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (Mohanlal Sukhadia University) के नार्थ कैंपस के गर्ल्स कॉलेज बिलिया की नई बिल्डिंग के उद्घाटन के दौरान 27 सितंबर को सुविवि एनसीसी की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर देने वाले ए. एन.ओ व विज्ञान महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजित कुमार भाबोर के 'स्वार्ड के प्रयोग को एनसीसी कमांडिंग ऑफिसर कमांडर राजेंद्र कुमार ने गंभीर कोताही मानते हुए पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

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(प्रातः काल संवाददाता) उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (Mohanlal Sukhadia University) के नार्थ कैंपस के गर्ल्स कॉलेज बिलिया की नई बिल्डिंग के उद्घाटन के दौरान 27 सितंबर को सुविवि एनसीसी की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर देने वाले ए. एन.ओ व विज्ञान महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजित कुमार भाबोर के 'स्वार्ड के प्रयोग को एनसीसी कमांडिंग ऑफिसर कमांडर राजेंद्र कुमार ने गंभीर कोताही मानते हुए पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
यह पत्र इन दिनों सुविवि के शैक्षणिक जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है नियमों को लेकर खूब चर्चा हो रही है। कमांडिंग ऑफिसर की ओर से विज्ञान महाविद्यालय के डीन, सुविवि वाइस चांसलर को जारी पत्र में बताया गया कि सुविवि के नई बिल्डिंग के उद्घाटन समारोह के दौरान राजस्थान के राज्यपाल व कुलाधिपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। यह सुविवि के तीनों सर्विसेज के एनसीसी कैडेट्स का संयुक्त गार्ड ऑफ ऑनर था। प्रोटोकॉल के अनुसार केवल एनससी कैडेट्स ही गार्ड ऑफ ऑनर प्रजेंट करते हैं। इसमें ए. एन ओ. का कोई रोल नहीं होता है। इसके अलावा गार्ड ऑफ ऑनर में किसी भी प्रकार की स्वॉर्ड (तलवार) का उपयोग नहीं होता है। केवल ड्रिल और तोड़े। सबसे पहले वह नियम विपरीत गार्ड का खुद हिस्सा बनें व दूसरा उनके पास एक 'स्वार्ड थी। ऐसे में इनकरेक्ट ड्रिल हुई है तथा इससे एनसीसी का नाम खराब हुआ है। पत्र में प्रेक्टिस के दौरान ही राइफल का प्रयोग होता इसे माननीय राज्यपाल की इन्सल्ट बताने कमांडिंग ऑफिसर के कहने पर किया स्वॉर्ड का उपयोगहै। वीवीआईपी को इस प्रकार के खतरे के प्रति 'एक्सपोज नहीं किया जा सकता ।
स्वार्ड केवल इंडियन नेवी में कमांडर्स व उनके ऊपर की रैंक अधिकारियों की सेरेमोनियल यूनिफार्म का हिस्सा हैं। ए. एन.ओ. अपनी युनिफार्म के साथ स्वार्ड कैरी करने को अधिकृत नहीं हैं। ऐसे में ए. एन. ओ ले . डॉ. अजित कुमार भाबोर ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। उन्होंने दो प्रकार से नियम जैसे कड़े शब्दों का प्रयोग किया गया है। पत्र में यह भी बताया गया कि ए.एनओ ले. डॉ. अजित भाबोर सार्वजनिक मंचों पर पहले भी गलत वर्दी पहन चुके हैं। उन्हें राज्यपाल की विजिट के दौरान ही नियमित नौसेना अधिकारियों के लिए बनी ले. रेंक की पट्टियां पहने हुए पाया गया है। यही नहीं वे स्वयं राज्यपाल के साथ सेल्यूट ले रहे थे जिस पर उन्हें सावचेत किया गया था।
कमांडिंग ऑफिसर के कहने पर किया स्वॉर्ड का उपयोग
इस बारे में डॉ. अजित कुमार भाबोर ने बताया कि उन्होंने कहीं भी नियम नहीं तोड़े हैं। भाबोर बोले कि मुझे तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर इंद्रजीतसिंह घोषाल सर ने कहा था कि स्वॉर्ड (sword) का यूज नहीं करोगे तो गार्ड ऑफ ऑनर को पूर्ण नहीं माना जाएगा। कर्नल घोषाल ने बताया था कि पहले एनसीसी कैडेट (NCC cadet) ही गार्ड ऑफ ऑनर (guard of honor) देते थे मगर अब नया नियम आ गया है जिसमें ए.एन. ओ भी शामिल हैं। जहां तक स्वार्ड का सवाल है, वह मेरे पास नहीं थी, मैंने खुद आदेशानुसार अरेंज की। इसके लिए उदयपुर (udaipur) एसपी ऑफिस को पत्र लिख कर पुलिस लाइन से स्वार्ड इश्यू करवाई। मैंने कमांडिंग ऑफिसर (commanding officer) के पत्र का जवाब देते हुए स्पष्टीकरण दे दिया है जो मेरे लिए जारी किया गया था।

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