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मुंबई। मदन पथिक विहार धाम (Madan Pathik Vihar Dham) घोडाघाटी (Ghoraghati) के प्रांगण में महाश्रमण मेवाड़ प्रवर्तक मदनमुनि मसा (Mahashraman Mewar originator Madanmuni Masa) की द्वितीय पुण्यतिथि एवं श्रीप्रेम विजय विला उद्घाटन समारोह सर्व समाज की उपस्थिति में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। ट्रस्ट अध्यक्ष मांगीलाल लोढा के अनुसार इस अवसर पर समारोह में उपस्थित संत प्रवर्तक सुकनमुनि मसा, उपप्रवर्तक अमृतमुनि मसा, उप प्रवर्तक कोमलमुनि मसा, महेशमुनि मसा, अखिलेश मुनि मसा, डॉ. वरुणमुनि मसा, रमेशमुनि मसा, हर्षित मुनि मसा, उपप्रवर्तिनी विजयप्रभा मसा, शांताकंवर मसा, कंचनकंवरश्री मसा, विद्याश्री मसा, मंगलप्रभा मसा, नयनप्रभा मसा, डॉ. सुलोचनाश्री मसा, डॉ. सुलक्षणाश्री मसा, हर्षिताश्री मसा, जयश्री मसा, एषणाश्री मसा, आर्याश्री मसा आदि ने मदनमुनि के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उन्हें मेवाड का महान संत बताया। संतों ने कहा कि मेवाड़ गुरु परंपरा में मध्यकालीन इतिहास से लेकर वर्तमान कालखंड तक में अनेक संत हुए हैं, जिन्होंने जैन समाज
(Jain society)
को एक सूत्र में पिरोकर समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उसी कड़ी में मदन मुनि का नाम भी विशिष्ट संतों की श्रेणी में आता है। आज वह संसार में नहीं है, लेकिन उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव याद किए जाएंगे।
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ट्रस्ट महामंत्री लक्ष्मीलाल बडाला ने बताया कि इस अवसर पर संतों के ठहरने के लिए बनाए गए श्रीप्रेम विजय विला का प्रथम फेज उद्घाटनकर्ता नाथूलाल श्रीमती नाथीबाई लोढ़ा, चुन्नीलाल झमकुबाई, मांगीलाल गीता, गणेशलाल आजाद, देवीलाल पुष्पा, किशनलाल कैलाश लोढा़ परिवार सिंदु द्वारा किया गया। इस अवसर पर समारोह अध्यक्ष सुरेश सिंघवी, ध्वजारोहणकर्ता रोशनलाल बडाला रामा, स्वागताध्यक्ष खूबीलाल रांका सेमल, भक्ति संध्या के लाभार्थी एड नजरसिंह मांडावत परिवार नाथद्वारा, लक्की ड्रा एवं प्रभावना के लाभार्थी शांतिलाल छाजेड़ नाथद्वारा, पत्रिका सौजन्य लाभार्थी ख्यालीलाल सिंघवी नाथद्वारा, सम्पूर्ण गौतम प्रसादी के लाभार्थी दिलीप महेंद्र पगारिया, संयुक्त लाभार्थी इन्द्रमल बडाला, भोलीलाल कोठारी, ख्यालीलाल चपलोत, कवरलाल सुर्या, दिनेश सिंघवी, सुरेशचन्द्र जैन, किशनलाल परमार, महावीर करोद, बिबी लोढा, गेरीलाल सिंघवी, महावीर जैन, मांगीलाल लोढा, सोरभ धाकड, लक्ष्मीलाल बडाला, रमेश माडोत, रोशनलाल आंचलिया, मनिष धाकड़, उदयलाल खटवड, राजेंद्र पगारिया, सुरेश सुर्या, ऊकार लाल वागरेचा, हिरालाल रांका, रोशनलाल दुगड, महेन्द्र रांका, नरेंद्र चंडालिया, विजय जैन, लादूलाल जैन, सुरेश सोनी, बाबुलाल सांखला, तनसुख खैरोदिया, राकेश सामोता, फतहलाल लोढा आदि का सम्मान किया गया। सञ्चालन कवि ओम समदर्शी ने किया।
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आयोजन सफल बनाने मदन पथिक विहारधाम घोड़ाघाटी के अध्यक्ष मांगीलाल लोढा, महामंत्री लक्ष्मीलाल बड़ाला, कोषाध्यक्ष नेमीचंद धाकड़ के नेतृत्व में महामंत्री ख्यालीलाल सिंघवी, गुणवत खेरोदिया, कालूलाल बोहरा, रवि सियाल, सुन्दरलाल तातेड, संरक्षक इन्द्रमल बडाला, भोलीलाल कोठारी, कंवरलाल सुर्या, शंकरलाल सांखला, मनोहरलाल लोढा, नरेंद्र इंटोदिया, नाथुलाल रांका, लक्ष्मीलाल सांखला, कार्यकारी संरक्षक नंदलाल डागलिया, लालचंद बंबोरी, शिवलाल हिंगड, रोशनलाल पगारिया, लादुलाल ओस्तवाल, अंबालाल मेहता, गोपीलाल वागरेचा, सुंदरलाल मांडावत, प्रमुख मार्गदर्शक रोशनलाल बड़ाला, नरेशकुमार लोढ़ा, प्रकाशचन्द सिंघवी, चतरलाल लोढ़ा, किशनलाल परमार, देवीलाल बड़ाला, चन्द्रसिंह कोठारी, बाबुलाल नंगावत, महेन्द्र चौरड़िया, मदनलाल हींगड, मार्गदर्शक मांगीलाल पामेचा, लक्ष्मीलाल मादरेचा, शान्तिलाल लोढ़ा, हिम्मत चण्डालिया, संपतलाल डागलिया, मीठालाल सिंघवी, पारस पोखरना, पारस बाफना, अशोक राजावत, जयप्रकाश बाफना, दिनेश सिंघवी, सुरेश सुर्या, मनोहरलाल सूर्या, आनन्द चपलोत, लक्ष्मीलाल बडालमिया, फतेहलाल बागरेचा, लक्ष्मीलाल कोठारी, मदनलाल इटोदिया, चन्द्रेश कच्छारा, नेमीचन्द इटोदिया, उपाध्यक्ष, चौथमल सांखला, पारस चौरड़िया, मांगीलाल बडाला, ओमप्रकाश माण्डोत, बसन्तीलाल चौरड़िया, हिम्मत कंठालिया, भंवरलाल सांखला, भगवतीलाल परमार, पन्नालाल कोठीफोडा, नितीन सेठिया, सोहनलाल सियाल, महावीर तातेड, प्रकाश काकरेचा, लक्ष्मीलाल लोढा, बाबुलाल सांखला, मंत्री सुरेश सोनी, सुरेन्द्र आंचलिया, हीरालाल रांका, विजय जैन, सह कोषाध्यक्ष लोकेश धाकड़, प्रचार-प्रसार मंत्री राजू दुग्गड सक्रिय रहे।
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ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष मांगीलाल लोढ़ा ने कहा कि गुरुदेव मदन मुनि अपने जीवन काल में सर्व समाज को साथ लेकर चलते थे। इस बात को ध्यान रख ट्रस्ट मंडल समाज के सभी वर्गों को जोड़कर गुरुदेव की पुण्यतिथि कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। कार्यक्रम में जैन समाज के साथ-साथ इतर समाजों के लोगों की उपस्थिति इस बात का उदाहरण है। महामंत्री लक्ष्मीलाल वडाला ने गुरुदेव से जुडे विभिन्न प्रसंगों माध्यम से गुरुदेव की यादें ताजा की। कोषाध्यक्ष नेमीचंद धाकड़ ने नागदा घाटी के निर्माण की परिकल्पना और वर्तमान स्वरूप पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने गुरुदेव के जीवन काल में घटित हुई धार्मिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक प्रसंग को आम जनता के समक्ष रखा। इस अवसर पर आगामी लाभार्थी अशोक कुमार नानालाल राजावत सेमल का सम्मान किया गया।
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