sarso oil
सर्दियों के मौसम में सर्दी, खांसी, फ्लू, वायरल बुखार, जॉइंट्स में दर्द जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होने लगती हैं। यानी कुल मिलाकर कहें तो सर्दियों में सेहत को लेकर आप को सावधान रहने की ज़रूरत है। इस मौसम में आप सर्दी, खांसी, फ्लू, वायरल बुखार, जॉइंट्स में दर्द जैसी समस्याओं से बचे रहें इसलिए आप सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन परेशानियों में सरसों का तेल बहुत प्रभावी होता है। इसके इस्तेमाल से सिर्फ इन मौसमी बीमारियों से ही राहत नहीं मिलती बल्कि कुछ गंभीर बीमारियों से भी राहत मिलती है। तो चलिए आपको बताते हैं सर्दियों में सरसों के तेल के क्या फायदे हैं और इसे कैसे इस्तेमाल करें ।
पोषक तत्वों से भरपूर है सरसो का तेल
सरसों के तेल (Mustard oil ) में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड (Omega-3 Fatty Acid) के साथ-साथ ओमेगा-6 फैटी एसिड (Omega-6 Fatty Acid), पॉलीअनसेचुरेटेड फैट (polyunsaturated fats), विटामिन ई (vitamin E) और मिनरल्स (minerals) जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह हमारे शरीर के लिए सामान्य बीमारियों से लेकर शरीर में जमा खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने का भी काम करता है।
इन बीमारियों में कारगर है सरसो का तेल
बॉडी दर्द में फायदेमंद: सर्दियों में लोगों की बॉडी में बहुत ज़्यादा अकड़न आती है और पूरे शरीर में खासकर जॉइंट्स में बहुत ज़्यादा दर्द होता है। ऐसे में आप सरसों के तेल से अपना बॉडी मालिश करें।
गुनगुने सरसों के तेल से मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे आपका जोड़ों की तकलीफ उड़न छू हो जाएगी।
सर्दी-खांसी में असरदार: सर्दियों में सर्दी और खांसी की समस्या आम होती है, ऐसे में सरसों के तेल से मालिश करने से छाती में जमा कफ से राहत मिलती है और बलगम भी बाहर निकल जाता है। नाक बंद होने पर गर्म पानी में सरसों का तेल डालकर भाप लेने से राहत मिलती है।
कोलेस्ट्रॉल करे कम: घी और तेल जैसे कुछ लिक्विड पदार्थ आपके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने का काम करते हैं। लेकिन सरसो का तेल खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है। इसमें मौजूद फैटीक एसिड बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है।
दिल से जुड़ी बीमारियों को करे कम: इन दिनों लोग दिल से जुड़ी बीमारी के बहुत ज्यादा शिकार हो रहे हैं। इसलिए आप अपने खाने में सरसो के तेल का इस्तामल करें। सरसों के तेल में मौजूद ओमेगा थ्री फैटी एसिड, ओमेगा 6 फैटी एसिड, मोनो अनसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड इस्केमिक दिल से जुड़ी बीमारियों की संभावन कम कर देते हैं।
Editorial

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