✕
ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन के लिए जनवरी से पीओएच के पश्चात 1139 कोचों को किया आउट टर्न
By EditorialPublished on
यात्री ट्रेनों (Trains) का सुरक्षित और सुचारू परिचालन पूर्ण रूप से यात्री कोचों के विभिन्न प्रकार के उचित रखरखाव पर निर्भर करता है। पू. सी. रेल ने डिपो और कारखानों में जब और जैसा आवश्यक हो, मैकेनिकल क्षेत्र में परिसंपत्ति रखरखाव कार्यों में एक प्रमुख पहल की है जैसे पीरियोडिक्ल ओवरहॉलिंग (पीओएच) के तहत पैसेंजर कोचों का रखरखाव। स्प्रिंग्स के टूटने, पहियों के ढीला होना और मैकेनिकल उपकरणों की अन्य विफलताओं के कारण अप्रिय घटनाओं की संभावना से बचने के लिए सभी प्रकार के पैसेंजर ट्रेनों के कोच पर विशेष ध्यान दिया ग

मालीगांव । यात्री ट्रेनों (Trains) का सुरक्षित और सुचारू परिचालन पूर्ण रूप से यात्री कोचों के विभिन्न प्रकार के उचित रखरखाव पर निर्भर करता है। पू. सी. रेल ने डिपो और कारखानों में जब और जैसा आवश्यक हो, मैकेनिकल क्षेत्र में परिसंपत्ति रखरखाव कार्यों में एक प्रमुख पहल की है जैसे पीरियोडिक्ल ओवरहॉलिंग (पीओएच) के तहत पैसेंजर कोचों का रखरखाव। स्प्रिंग्स के टूटने, पहियों के ढीला होना और मैकेनिकल उपकरणों की अन्य विफलताओं के कारण अप्रिय घटनाओं की संभावना से बचने के लिए सभी प्रकार के पैसेंजर ट्रेनों के कोच पर विशेष ध्यान दिया गया है।
इस चालू वर्ष के जनवरी से नवम्बर तक की अवधि के दौरान पूर्वोत्तर सीमा रेल के दो कारखानों यथा न्यू बंगाईगांव और डिब्रुगढ़ में पीओएच के पश्चात 1139 सवारी कोचों का आउट टर्न किया गया। न्यू बंगाईगांव कारखाना में 301 गैर वातानुकूलित पारंपरिक कोच, 51 वातानुकूलित पारंपरिक कोच, 93 गैर वातानुकूलित एलएचबी कोच और 122 वातानुकूलित एलएचबी कोच का पीओएच किया गया। इसके अलावा, डिब्रुगढ़ कारखाना में 323 गैर वातानुकूलित पारंपरिक कोच, 60 वातानुकूलित पारंपरिक कोच, 88 गैर वातानुकूलित एलएचबी कोच और 101 वातानुकूलित एलएचबी कोच का पीओएच किया गया।
भारतीय रेल (Indian Rail) में काफी पुराने स्टॉक को बदलने के लिए नए कोचों का निर्माण एक सतत् प्रक्रिया है। कोचों को उनके निर्धारित कोडल लाइफ की प्राप्ति के बाद या संरचनात्मक कलपुर्जों को भारी क्षति होने से पहले बदल दिया जाता है। पूर्वोत्तर सीमा रेल पर चलने वाली सभी सवारी कोचों में आवधिक रूप से ओवरहॉलिंग की जाती है, जो अनुरक्षण नियमावली में निर्धारित है ताकि संचालन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Editorial
Next Story
Related News
X


