Pratahkal-Cheating of getting Loan at low interest, fraud of Rs 1 crore

मुंबई । शहर के एक कारोबारी को किफायती ब्याज दर पर कर्ज (Loan) दिलाने का झांसा देकर एक करोड़ रुपये की ठगी (Fraud) का शिकार बनाने का मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस ने इस मामले में आरोपी चेन्नई (Chennai) के शख्स को गिरफ्तार किया है। हालांकि उसके छह साथी अभी फरार है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, ठगी के शिकार कारोबारी का नाम मनोज कुमार पोद्दार है। उनका कुर्ला में दफ्तर है। मनोज को साल 2019 में अपने कारोबार को बढाने के लिये 45 करोड़ रुपये कर्ज की जरूरत थी। इस दौरान उनका परिचय कार्तिक किशोर रिजवी ऊर्फ मोहम्मद दाऊद खान ऊर्फ श्रीनिवासन (33) से हुआ। आरोपी श्रीनिवासन चेन्नई में अण्णा नगर का रहनेवाला है। उसने कारोबारी को 9.6 प्रतिशत ब्याज दर पर 45 करोड़ रुपये कर्ज दिलाने का आश्वासन दिया था। इसके लिये उसने 2.25 प्रतिशत कमीशन, कर्ज प्रोसेसिंग शुल्क के तौर पर 10 फीसदी रकम, प्रॉपर्टी गिरवी रखने और चार किश्तों का अग्रिम भुगतान करने जैसी शर्त रखी थी। आरोपियों और उसके साथियों के साथ मीटिंग्स के बाद कारोबारी ने सभी शर्तें मान ली थी। एक आरोपी ने गिरवी रखी जानेवाली प्रापर्टी के दस्तावेज भी ले लिये और साथ ही कारोबारी ने बैंक ट्रांसफर के जरिये 98 लाख रुपये भी अदा कर दिये। यह रकम श्रीनिवासन के बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी। सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद भी कारोबारी को कर्ज नहीं मिला और जब उसने इस बाबत श्रीनिवासन से पूछताछ की तो श्रीनिवासन बहाने बनाने लगा। आखिरकार कारोबारी ने घाटकोपर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
खास बात यह है कि जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपी श्रीनिवासन ऐसी ही किसी धोखाधडी के मामले में अप्रैल में गिरफ्तार हो चुका है और तमिलनाडु सेंट्रल जेल में है। कानूनी औपचारिकतायें पूरी कर मुंबई पुलिस ने श्रीनिवासन की हिरासत हासिल की है। आरोपी के खिलाफ मुंबई, ठाणे, पुणे, लातूर (Mumbai, Thane, Pune, Latur) में इसी तरह की ठगी और धोखाधडी के पांच मामले दर्ज हैं। पुलिस इस गिरोह के 6 अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
Editorial

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