Pratahkal:Marathi Nameplate issue: Municipal Corporation takes action against shopkeepers who violate rules
मुंबई । सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दुकानों और आस्थापनों के नामफलक मराठी भाषा (Marathi Nameplate) में बदलने के लिये जो मोहलत दी थी, वह खत्म हो चुकी है और अब महानगरपालिका ने इस नियम का पालन करने में अभी भी कोताही बरतनेवालों के खिलाफ अपना कार्यवाही अभियान शुरु कर दिया है। मनपा (Municipal Corporation) ने मराठी नामफलक की जांच अभियान के तहत शहर के 24 वार्डों में 3269 दुकानों और आस्थापनों की जांच की और 176 दुकानों के खिलाफ नियम पालन नहीं करने के चलते कार्रवाई की गई।
मनपा अधिकारियों के मुताबिक, जिन दुकानों ने अभी तक मराठी नामफलक नहीं लगाये हैं, उन्हें कानूनी प्रावधानों के मुताबिक, इंस्पेक्शन रिपोर्ट्स जारी की गई है और अब यह मामला अदालत में चलेगा। संबंधित अधिनियम की धारा 29 के तहत नियम उल्लंघनकर्ताओं से प्रति कर्मचारी 2 हजार रुपये जुर्माना और प्रति आस्थापना अधिकतम 1 लाख रुपये जुर्माने की वसूली का प्रावधान है। हालांकि जुर्माने की रकम का फैसला अदालत करेगी। गौरतलब है कि यदि उल्लंघनकर्ता दुकानदार उल्लंघन जारी रखता है तो प्रति दिन दो हजार रुपये की जुर्माना वसूली की दंडात्मक कार्यवाही भी की जा सकती है।
घाटकोपर, विद्याविहार के एन वार्ड में 18 आस्थापनों को जबकि एस वार्ड के अंतर्गत विक्रोली, भांडुप के 14 आस्थापनों को कार्यवाही के तहत नोटीस जारी किये गये हैं। उल्लेखनीय है कि 25 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मराठी नामफलक के पक्ष में आदेश देते हुये दुकानदारों को नामफलक बदलने के लिये दो महीने का समय दिया था। यह मियाद अब खत्म हो चुकी है। उधर दुकानदारों के संगठन ने भी अब इस मसले पर कोई कानूनी चुनौती पेश करने के बजाये नियम पालन को ही तरजीह देने का फैसला किया है।
Editorial

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