Ram Mandir construction
अयोध्या (एजेंसी)। अयोध्या (Ayodha) के राम मंदिर (Ram Mandir) में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व राम मंदि के भूतल का काम पूर्ण किए जाने के साथ परकोटा का भी काम पूरा किए जाने का लक्ष्य तय किया गया है।
रविवार से शुरू राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन इस लक्ष्य को प्राप्त करने के संबंध में गंभीरता से मंथन किया गया और विश्वास व्यक्त किया गया कि 31 दिसंबर तक परकोटा के पूर्वी द्वार सहित मंदिर के भूतल का काम पूरा कर लिया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डा. अनिल मिश्र ने रामजन्मभूमि परिसर में हुई निर्माण समिति की बैठक के बारे में पत्रकारों कारसेवकपुरम में जानकारी दी।
डा. मिश्र ने बताया कि न केवल भूतल का ढांचा बल्कि रामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के अनुरूप भूतल को 31 दिसंबर तक तैयार कर लिया जाएगा । इस तैयारी में फर्श निर्माण, स्तंभों पर मूर्तियां उत्कीर्ण किए जाने का काम, मुख्य द्वार सहित भूतल के 14 द्वारों और विद्युतीकरण का काम शामिल है।
दीपोत्सव की आभा से निर्माणाधीन मंदिर भी होगा आलोकित
11 नवंबर को दीपोत्सव की आभा से निर्माणाधीन राम मंदिर भी आलोकित होगा। डा. अनिल मिश्र ने बताया कि मंदिर में लगी शिलाओं को धुएं से बचाने के लिए तेल के दीप नहीं जलेंगे, किंतु बिजली के कृत्रिम दीप व झालरों का प्रयोग होगा। रामजन्मभूमि मार्ग और वैकल्पिक गर्भगृह में विराजे रामलला का दरबार भी रोशनी से सराबोर होगा।
तीन मंडप का भी निर्माण पूर्ण होने को
भूतल के साथ राम मंदिर के प्रथम तल का निर्माण भी प्रगति पर है। प्रथम तल पर स्तंभों की प्रतिष्ठा के साथ भूतल से ही आकार लेने वाले नृत्य मंडप, रंग मंडप और एक अन्य मंडप का शिखर भी प्रथम तल के साथ आकार लेने लगा है। समझा जाता है कि प्राण प्रतिष्ठा तक कार्यदायी संस्था एल एंड टी और टाटा कंसल्टेंसी इंजीनियर्स के लोग तीनों मंडप का पूर्णता प्रदान कर सकेंगे।
Editorial

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