vasundhara raje
जयपुर ( कार्यालय संवाददाता) । अलवर जिले (Alwar district) के सांसद और तिजारा से भाजपा प्रत्याशी महंत बालकनाथ (Mahant Balaknath) ने वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) के भावी मुख्यमंत्री बताया है। मंच पर ही मौजूद पूर्व मंत्री डॉ. जसवंत यादव ( Dr. Jaswant Yadav) ने बालकनाथ के सुर में सुर मिलाया । उन्होंने कहा, हमारा नेतृत्व करने वाली नेता वसुंधरा राजे हैं। यादव ने कहा कि बिना इनके (वसुंधरा राजे ) कहे कह रहा हूं कि इनको मुख्यमंत्री बना दिया तो थारो भाई डंका की चोट पर मंत्री बनेगो, पर बनूंगा तब ही जब ये बनेंगे। ये ना बनी तो मैं नहीं बन पाऊंगा। इस दौरान भाजपा प्रत्याशियों ने बहरोड़ के विधायक और कांग्रेस सरकार
(Congress Sarkar)
पर भी निशाना साधा। असल में, सोमवार को बहरोड़ में भाजपा प्रत्याशी डॉ. जसवंत यादव की नामांकन सभा का आयोजन किया गया था । इसमें मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे थी। बता दें हाल ही में ओपीनियन पोल में महंत बालकनाथ को भाजपा उम्मीदवार के तौर पर सीएम फेस के लिए दूसरी पंसद बताया था।
सांसद के बयान के बाद चर्चाओं का दौर शुरू
महंत बालकनाथ ने अपने संबोधन में कहा, मैं अपना संकल्प दोहराने आया हूं कि बहरोड़ की जनता ऐसे अधर्मी व्यक्ति को ऐसे हरायेगी कि आने वाली पीढ़ियां सरपंच का चुनाव लड़ने से डरेंगी। यहां के निर्दलीय विधायक और राष्ट्रीय जनता सेना के प्रत्याशी बलजीत यादव ने हमारी नई पीढ़ी को बर्बाद करने का काम किया है। सांसद के इस बयान से प्रदेश में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। ऐसे में अब चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजस्थान भाजपा में सीएम फेस को लेकर जारी खींचतान के बीच अलवर के सांसद ने कहा कि अगर भाजपा जीतती है तो वसुंधरा राजे को सीएम बनाया जाएगा। राजस्थान में चुनाव के बाद सीएम कौन होगा इसको लेकर कयासबाजी का दौर जारी है। लेकिन सांसद के बयान के बाद राजनीतिक पारा गर्मा सकता है। अलवर सांसद बालकनाथ ने जब घोषणा की उस समय पूर्व सीएम वसुंधरा राजे मंच पर मौजूद थी । बालकनाथ का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सियासी जानकार बयान के अलग-अलग सियासी मायने निकाल रहे है।
सीएम फेस को लेकर खींचतान
उल्लेखनीय है कि राजस्थान भाजपा में सीएम फेस को लेकर सियासी पारा गरमाता रहा है। भाजपा इस बार बिना मुख्यमंत्री के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनाव बाद पार्टी का संसदीय बोर्ड मुख्यमंत्री तय करेगा। बता दें इससे पहले भाजपा ने दो चुनाव वसुंधरा राजे के चेहरे पर लड़े है। दोनों ही बार भाजपा की सत्ता में वापसी हुई है। लेकिन इस बार भाजपा आलाकमान का कहना है कि प्र.म. मोदी के चेहरे पर ही विधानसभा चुनाव (vidhansabha election) लड़ा जाएगा। खुद प्र.म. मोदी कह चुके हैं कि कमल का फूल ही भाजपा का चेहरा है। सियासी जानकारों का कहना है कि महंत बालकनाथ ने जिस तरह मंच से वसुंधरा राजे के नाम का ऐलान किया है, उससे शेखावत और पूनिया कैंप को तगड़ा झटका लगा है। दोनों कैंप के नेता वसुंधरा राजे के नाम का विरोध करते रहे हैं। शेखावत (shekhavat) और पूनिया (puniya) कहते रहे हैं कि प्र.म. मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा जाएगा।
Editorial

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