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कश्मीर घाटी में गूंजा छत्रपति का जयघोष
By EditorialPublished on
कश्मीर के कुपवाड़ा में भारत-पाक नियंत्रण रेखा के समीप स्थापित की गई छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) की अश्वारूढ प्रतिमा देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के लिए प्रेरणादायी, उर्जादायी रहेगी। यह प्रतिमा तिरंगा शत्रु पर विजय प्राप्त कर लहराने के लिए हमेशा सैनिकों को प्रेरणा देते रहेगी, उनके हौसले बुलंद करती रहेगी, यह विश्वास मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) ने कुपवाड़ा में व्यक्त किया। प्रतिमा अनावरण के समय कश्मीर (Kashmir) घाटी छत्रपति शिवाजी महाराज के जयघोष से गूंज उठी।

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प्रातःकाल संवाददाता मुंबई । कश्मीर के कुपवाड़ा में भारत-पाक नियंत्रण रेखा के समीप स्थापित की गई छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) की अश्वारूढ प्रतिमा देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के लिए प्रेरणादायी, उर्जादायी रहेगी। यह प्रतिमा तिरंगा शत्रु पर विजय प्राप्त कर लहराने के लिए हमेशा सैनिकों को प्रेरणा देते रहेगी, उनके हौसले बुलंद करती रहेगी, यह विश्वास मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) ने कुपवाड़ा में व्यक्त किया। प्रतिमा अनावरण के समय कश्मीर (Kashmir) घाटी छत्रपति शिवाजी महाराज के जयघोष से गूंज उठी।
‘आम्ही पुणेकर’ संस्था, 41 राष्ट्रीय रायफल मराठा बटालियन द्वारा कुपवाड़ा में स्थापित प्रतिमा का अनावरण मंगलवार को मुख्यमंत्री शिंदे ने किया। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, राज्य के सांस्कृतिक कार्यमंत्री सुधीर मुनगंटीवार, महाराष्ट्र राज्य नियोजन मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश क्षीरसागर, ‘आम्ही पुणेकर’ संस्था के ट्रस्टी अभयसिंह शिरोळे, हेमंत जाधव आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज के जयघोष से की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जयकारे की गूंज सुनाई देनी चाहिए। शिंदे ने कहा कि, अश्वारुढ छत्रपति शिवाजी महाराज पाकिस्तान की दिशा में देख रहे है। उनके हाथों में तलवार है। महाराज यहाँ पर होने से शत्रु यहाँ कदम रखने का साहस नहीं कर पाएगा। शिंदे ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक को 350 वर्ष पूरे हुए है। इस अवसर पर राज्य सरकार और सांस्कृतिक विभाग की ओर से विभिन्न उपक्रम चलाएं गए। कुपवाड़ा में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित की गई है और यह बहुत महत्त्व रखती है। यहाँ पर स्मारक बनाया जा रहा है, उसके लिए आवश्यक वह सहयोग भी राज्य सरकार की ओर से किया जाएगा, ऐसा भरोसा शिंदे ने दिलाया। छत्रपति शिवाजी महाराज के ‘वाघ नखे’ को भारत में लाने का करार किया गया है और यह गर्व की बात है। ‘वाघ नखे’ राज्य में लाने के बाद जगहों-जगहों पर उसे दर्शन के लिए रखा जाएगा।
हर वर्ष कुपवाड़ा में 7 नवंबर को शिवाजी महाराज पर्व मनाने का आह्वान उप राज्यपाल सिन्हा ने किया। ‘स्वयं पर भरोसा रखें, मैं हमेशा आपके साथ रहूँगा। शिवाजी महाराज का यह संदेश मराठी में ही पढ़ते हुए सिन्हा ने छत्रपति शिवाजी महाराज की पराक्रम गाथा को भी इस अवसर पर याद किया।
सांस्कृतिक कार्यमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम में ही शक्ति है, उर्जा है। इस अवसर पर अतिथियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का पूजन किया।
यहाँ पर मराठा बटालियन होने से मुख्यमंत्री शिंदे ने सैनिकों के साथ दीपावली मनाने का आनंद लिया। आप रात-दिन देश की सीमा पर अपने जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा करते है, तभी हम सभी पर्व-त्यौहार ख़ुशी से मना पाते है, इन शब्दों में मुख्यमंत्री ने सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

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