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'पूरे देश को अयोध्या' बनाएगा आरएसएस
By EditorialPublished on
राम मंदिर (Ram Mandir) की प्राण प्रतिष्ठा अगले साल 22 जनवरी को होनी है। इस दिन पूरे देश में धूमधाम से बड़ा उत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर हजारों लोगों के अयोध्या (Ayodhya) पहुंचने की संभावना है। हालांकि वे लोग निराश न हों जो राम मंदिर के उद्घाटन में नहीं जा सकते। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पूरे 'देश को अयोध्या बनाने' की योजना तैयार की है।

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नई दिल्ली (एजेंसी) । राम मंदिर (Ram Mandir) की प्राण प्रतिष्ठा अगले साल 22 जनवरी को होनी है। इस दिन पूरे देश में धूमधाम से बड़ा उत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर हजारों लोगों के अयोध्या (Ayodhya) पहुंचने की संभावना है। हालांकि वे लोग निराश न हों जो राम मंदिर के उद्घाटन में नहीं जा सकते। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पूरे 'देश को अयोध्या बनाने' की योजना तैयार की है।
देश भर में आरएसएस की 45 प्रांतीय इकाइयों में से प्रत्येक से लगभग एक हजार स्वयंसेवक घर-घर जाकर 'अक्षत (पवित्र प्रसाद) ' वितरित करेंगे और लोगों से 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक समारोह के उपलक्ष्य में अपने निकटतम मंदिर में समारोह में शामिल होने का आग्रह करेंगे। आरएसएस, विहिप और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रांत इकाइयों में भाजपा सहित सहयोगी संगठनों के साथ समन्वय बैठकें करना शुरू कर दिया है। हाल ही में ऐसी बैठकें काशी, अवध, ब्रज, मेरठ प्रांत (उत्तर प्रदेश में) और उत्तराखंड प्रांत में आयोजित की गईं।
वीएचपी (VHP) के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने 29 अक्टूबर को तरह, ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने इस सप्ताह की शुरूआत में लखनऊ में अवध प्रांत की बैठक को संबोधित किया था। इसके अलावा, विहिप के एक वरिष्ठ नेता ने हाल ही में उत्तराखंड प्रांत की बैठक को वर्चुअली संबोधित किया था।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, देहरादून में आरएसएस के एक पदाधिकारी ने कहा, चूंकि कई प्रमुख मंदिर पूरे उत्तराखंड में स्थित हैं, जो ज्यादातर पहाड़ी राज्य है। ऐसे में हमें 22 जनवरी को इन मंदिरों में अक्षत वितरित करने, पूजा आयोजित करने और (प्रतिष्ठा समारोह की) लाइव स्ट्रीमिंग के लिए 1000 से अधिक कार्यकर्ताओं की आवश्यकता होगी।

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