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वायु प्रदूषण मामले में अगली सुनवाई छह नवंबर को
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बांबे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने कहा है कि महानगर में वर्तमान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के हानिकारक स्तर (Air Pollution) के बारे में नागरिकों को जागरूक करने या स्वास्थ्य परामर्श जारी करने के लिए अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया है। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने मुंबई (Mumbai) में वायु प्रदूषण पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अपने आदेश में यह टिप्पणी की।

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मुंबई । बांबे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने कहा है कि महानगर में वर्तमान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के हानिकारक स्तर (Air Pollution) के बारे में नागरिकों को जागरूक करने या स्वास्थ्य परामर्श जारी करने के लिए अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया है। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने मुंबई (Mumbai) में वायु प्रदूषण पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अपने आदेश में यह टिप्पणी की। पीठ ने महाराष्ट्र सरकार, केंद्र सरकार, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी), महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया और पूछा कि समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने कहा कि वह याचिका पर अगली सुनवाई छह नवंबर को करेगी। जारी हुए विस्तृत आदेश में मीडिया रिपोर्टें का जिक्र किया गया है और कहा गया है कि मुंबई में पिछले 15-20 दिनों से एक्यूआई 150 से 411 के बीच है। रिपोर्टें कहती हैं कि मुंबई में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए बीएमसी ने कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन एक्यूआइ के स्तर में सुधार नहीं हुआ है और यह स्वास्थ्य अनुकूल सीमा में नहीं आया है। इस संबंध में तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।

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