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मनसुख हीरन मर्डर केस : जब्त कार को मालिक को सौंपने का निर्देश, शर्तें लागू
By EditorialPublished on
ठाणे (Thane) के कारोबारी मनसुख हीरन के अपहरण और हत्याकांड के मामले (Mansukh Hiren Murder Case) में एनआईए (NIA) द्वारा जब्त की गई कार उसके मालिकों में से एक को लौटा दी गई है। विशेष एनआईए अदालत ने शर्तों के आधार पर कार मालिकों में से एक को इसका कब्जा लेने की अनुमति दी है।

मुंबई । ठाणे (Thane) के कारोबारी मनसुख हीरन के अपहरण और हत्याकांड के मामले (Mansukh Hiren Murder Case) में एनआईए (NIA) द्वारा जब्त की गई कार उसके मालिकों में से एक को लौटा दी गई है। विशेष एनआईए अदालत ने शर्तों के आधार पर कार मालिकों में से एक को इसका कब्जा लेने की अनुमति दी है।
विशेष न्यायाधीश ए. एम. पाटील के मुताबिक, फॉक्सवैगन पोलो कार के मालिक यश शाह अपनी कार का कब्जा ले सकते हैं बशर्तें वे करीब 3 लाख रुपये तक का एक सुपुर्दनामा क्रियान्वित करें कि वे मामले का ट्रायल पूरा होने तक यह कार किसी और को हस्तांतरित नहीं करेंगे और ना ही कोई तीसरे पक्ष का अधिकार निर्मित करेंगे। उल्लेखनीय है कि साल 2021 में एनआईए ने इस मामले की जांच के दौरान दो कारें जब्त की थीं। एक पोलो और दूसरी क्रेटा। मनसुख हीरन हत्याकांड में आरोपी निलंबित पुलिस निरीक्षक सुनील माने ने फर्जी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स के साथ इन कार का इस्तेमाल किया था। माने ने ही हीरन को इंस्पेक्टर तावडे के तौर पर फोन किया था और उसे मिलने बुलाया था। इसके बाद पोलो कार में हीरन को बिठाकर माने ले गया था और उसने हीरन को इस मामले में निलंबित एक अन्य पुलिस अधिकारी तथा मुख्य आरोपी सचिन वाजे को सौंप दिया था। अगले दिन कारोबारी मनसुख हीरन की लाश मुंब्रा की खाड़ी में बरामद हुई थी। आरोप है कि आरोपी पुलिस अधिकारियों ने भाडे के हत्यारों के जरिये मनसुख हीरन का कत्ल करवाया था। इस मामले में जब्त कार के मालिक की ओर से उनकी वकील ने अदालत में दलील दी थी कि शाह को कोई अंदाजा नहीं था कि उनकी कार किसी आपराधिक कृत्य में इस्तेमाल की जायेगी। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और एनआईए ने आरोपपत्र दाखिल किया है लेकिन अगर सुनवाई पूरी होने और फैसला आने तक इन कारों को जांच एजेंसी की कस्टडी में ही रखा गया तो कारें जंग लगकर सड़ जायेंगी। यही वजह रही कि कार को मालिक को सशर्त सुपुर्दगी का निर्णय दिया गया है। हालांकि एनआईए ने इसके विरोध में कहा था कि कार एक महत्वपूर्ण सबूत है लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

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