Pratahkal:Acharya Mahashraman visit to Nandanvan today
मुंबई । आचार्य महाश्रमण (Acharya Mahashraman) 28 नवम्बर को नन्दनवन से 10.15 बजे विहार करेंगे। आने वाले दिनों में वे विभिन्न उपनगरों का प्रवास करेंगे। चातुर्मास की सम्पन्नता से पूर्व तीर्थंकर समवसरण में मुम्बईवासियों (Mumbai) ने अपनी भावनाएं अर्पित कीं।
आचार्य महाश्रमण ने कहा कि कुमारश्रमणकेशी विशिष्ट ज्ञानी संत थे। जिन्होंने अपने ज्ञान और तार्किक शक्ति से नास्तिक राजा प्रदेशी को आस्तिक बना दिया। उन्होंने आगे कहा कि आज चातुर्मास (Chaturmas) की अंतिम पक्खी है। आज बीस लोग्गस का ध्यान कर उपहार देना है। सभी का कल्याण हो। साध्वीवर्या सम्बुद्धयशा ने भी उपस्थित जनता को उद्बोधित किया।
मंगलभावना समारोह में मुम्बई महिला मण्डल ने गीत का संगान किया। भोजनशाला व्यवस्था टीम, रेणु कोठारी, रवि जैन, निर्मल जैन, प्रेमलता कच्छारा, तारा मुणोत, सीमा लोढ़ा, पार्थ दूगड़, पुष्पा लोढ़ा ने गीत का संगान किया। प्रवास व्यवस्था समिति अध्यक्ष मदनलाल तातेड़, महामंत्री महेश बाफना, मुख्य प्रबंधक मनोहरलाल गोखरू, बर्तन भण्डार संयोजक भगवतीलाल बागरेचा, संगठन मंत्री कुलदीप बैद, संदीप बाफना, प्रेक्षा इण्टरनेशनल के मंत्री गौरव कोठारी, भोजनशाला संयोजक बाबूलाल समदड़िया, उपाध्यक्ष नरेश मेहता, जैन विश्व भारती के मंत्री सलिल लोढ़ा, अमृतवाणी के अध्यक्ष रूपचंद दूगड़, ख्यालीलाल तातेड़, राजेन्द्र मुणोत, ललित चपलोत, मुदित भंसाली, जीतूभाई भाभेरा, विनोद बोहरा, प्यारचंद मेहता व छतरसिंह खटेड़ ने विचार रखे। प्रवास व्यवस्था समिति के प्रबंधक मनोहर गोखरू ने समस्त मुम्बईवासियों के साथ आचार्यश्री से सामूहिक क्षमायाचना की। संचालन प्रवास व्यवस्था समिति महामंत्री सुरेन्द्र कोठारी ने किया।

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