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प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में और ईवीएम स्ट्रांग रूम में सील
By EditorialPublished on
विधानसभा आम चुनाव (assembly general election)-2023 के तहत शनिवार को हुई मतदान प्रक्रिया (voting process) के साथ ही जिले के 8 विधानसभा क्षेत्रों (assembly constituencies) से चुनाव मैदान (election field) में डटे 73 प्रत्याशियों (candidates) का भाग्य ईवीएम में लॉक हो गया। मतदान प्रक्रिया के बाद देर रात तक मतदान दलों के लौटने का क्रम आरंभ हुआ।

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उदयपुर (वि)। विधानसभा आम चुनाव (assembly general election)-2023 के तहत शनिवार को हुई मतदान प्रक्रिया (voting process) के साथ ही जिले के 8 विधानसभा क्षेत्रों (assembly constituencies) से चुनाव मैदान (election field) में डटे 73 प्रत्याशियों (candidates) का भाग्य ईवीएम में लॉक हो गया। मतदान प्रक्रिया के बाद देर रात तक मतदान दलों के लौटने का क्रम आरंभ हुआ।
मतगणना एवं संग्रहण केंद्र मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय परिसर में तैयार किए गए स्ट्रोंग रूम में विधानसभा वार ईवीएम को संग्रहित कर कमरे सील किए गए। सबसे पहले उदयपुर शहर और ग्रामीण की ईवीएम आई उसके बाद दूरियों के हिसाब से मतदान दलों के आने का क्रम जारी रहा जो रात करीब डेढ़ बजे तक जारी रहा। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द पोसवाल के निर्देशन में देर रात तक विभिन्न अधिकारी मौके पर डटे रहे। जिले के 8 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान समाप्ति के बाद देर शाम से मतदान दलों के लौटने का क्रम शुरू हो गया। जिला मुख्यालय तथा आसपास के केंद्रों से मतदान दल पहले पहुंचे। वही दूरस्थ क्षेत्रों की टीमों के आने का दौर रात तक चलता रहा। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय परिसर में बनाए गए विधानसभा वार ईवीएम- वीवीपेट सहित अन्य सामग्री, निर्वाचन से जुड़ी पत्रावलियां आदि जमा कराने के लिए अलग-अलग काउंटर पर कार्मिकां ने सामग्री जमा कराई। यहां पर कुल आठ काउंटर बनाए गए। विधानसभा और सामग्री वार पृथक काउंटर होने से कार्मिकों को परेशानी नहीं हुई और सुगमता से सामग्री जमा की गई। कार्मिकों को ऑन ड्यूटी प्रमाण पत्र देने के लिए भी पृथक-पृथक काउंटर रहे। यहां पर बाहर से आने वाले कार्मिकों के लिए खाने की व्यवस्था नहीं थी, जो लोग उदयपुर में ठहरे उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई थी व उन्हें वाहनों के जरिये गंतव्यों तक पहुंचाया गया। खास बात यह रही कि समस्त मतदान सामग्री के जमा होने के बाद ही कार्मिकों का दल मौके से रवाना हुआ। इधर, आंकडों का संग्रहण भी देर रात तक जारी था।

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