mohan bhagwat
बैंकॉक (एजेंसी)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhawat) वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस (congress) में हिस्सा लेने बैंकॉक (Bangkok) गए हुए हैं। यहां उन्होंने शुक्रवार को कहा कि दुनिया एक परिवार है। हम सभी को आर्य यानी एक संस्कृति बनाएंगे। हालांकि, संस्कृति शब्द काफी नहीं है, एक बेहतर दुनिया के लिए मुझे संस्कृति कहना होगा। अनुशासन का पालन करने के लिए भारत के सभी संप्रदायों को शुद्ध करने की जरूरत है। संघ प्रमुख ने ये भी कहा कि हिंदू परंपराओं में भले ही कुछ मतभेद हों, लेकिन ये धर्म का अच्छा उदाहरण पेश करती हैं। हम हर जगह जाते हैं, सबके दिल को छूने की कोशिश करते हैं, कुछ लोग राजी होते हैं तो कुछ राजी नहीं भी होते, लेकिन फिर हम सभी से जुड़ते हैं।
वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस का आयोजन हर चार साल में होता है। वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन (World Hindu Foundation) ने इस बार कार्यक्रम को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में ऑर्गनाइज किया है। 24 नवंबर शुरू हुआ प्रोग्राम रविवार 26 नवंबर तक चलेगा।
हमारा धर्म विजय पर विश्वास : संघ प्रमुख
भागवत के मुताबिक, हम धर्म विजय पर भरोसा करते हैं। इसी पर हमारा धर्म टिका हुआ है। ये प्रक्रिया धर्म नियम पर आधारित है और इसी के फलस्वरूप धर्म हमारे लिए कर्तव्य बन जाता है। हमने धन विजय और असुर विजय का भी अनुभव किया है। धन विजय के मायने वस्तुओं से मिलने वाली खुशी से है, लेकिन इसमें इरादे ठीक नहीं होते । यह आत्मकेंद्रित होने जैसा है। देश ने 250 साल तक (अंग्रेजों की ) धन विजय देखी। असुर विजय यानी अन्य समुदायों के लिए अग्रेशन का भाव रखना। उन्होंने (मुस्लिमों ने) 5200 साल शासन किया। इससे हमारी धरती पर तबाही मच गई थी।
राम मंदिर की गूंज पूरी दुनिया में होनी चाहिए : वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन प्रमुख : वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन के प्रमुख और वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के चीफ ऑर्गनाइजर स्वामी विज्ञानानंद ने कहा- हमने अयोध्या से प्रसाद बुलवाया है। अयोध्या (Ayodhya) में बनने वाले राम (Ram) मंदिर की प्रतिकृति यहां (बैंकॉक) में तैयार हो रही है। हम अयोध्या से रामलला के जन्मस्थान की फोटो भी लाएंगे। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले ही राम मंदिर की गूंज पूरी दुनिया में होनी चाहिए।
Editorial

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