galhot
कार्यालय संवाददाता जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने चुनाव प्रचार के अखिरी दिन 'बाहरी बनाम लोकल वाला कार्ड खेल दिया। गहलोत ने खुद को राजस्थानी बताते हुए कहा कि गुजराती आकर वोट मांग रहे हैं, वह कहां जाएंगे। गहलोत ने प्र.म. मोदी के एक कथित बयान का जिक्र करते हुए यह बात कही और कहा कि उन्होंने भी गुजरात (Gujrat) में ऐसी बात कहकर चुनाव को पलट दिया था।
गहलोत ने 2017 गुजरात विधानसभा का जिक्र करते हुए प्र.म. मोदी (P.M.Modi) पर गुजराती कार्ड खेलकर चुनाव बदल दिया था। उन्होंने गुरूवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, तब मैं प्रभारी था । प्र. म. मोदी जो अभिनेता भी हैं, मैं ओबीसी का हूं, मुझे नीच कह दिया । कमाल है, किसी ने नीच नहीं कहा था उन्हें । एकदम माहौल बना दिया। कहा कि एक मारवाड़ी आया हुआ है यहां, भाईयों और बहनों अगर मारवाड़ी की बात मानोगे तो मैं गुजराती हूं मैं कहां, किसके पास जाऊंगा। वोट ले लिया गुजराती बनकर, हम कामयाब होने वाले थे पर नहीं हुए। गहलोत ने आगे कहा, अब वह गुजराती यहां आ रहा है। हम तो नहीं कह रहे हैं कि गुजराती आ गया है। भाईयों और बहनों गुजराती की बात मानोगे तो मैं कहा जाऊंगा । मैं भी तो कह रहा हूं राजस्थानवासियों एक गुजराती आकर घूम रहा है यहां पर, वोट मांग रहा है। मैं आपका हूं, मैं आपसे दूर नहीं हूं। मैं कहां जाऊंगा। मुख्यमंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, अब कह दिया कि मैं गारंटी देता हूं कि चौथी बार मुख्यमंत्री नहीं बनेगा। यह भविष्यवक्ता है। खुद को भविष्यवाणी कर रहा है कि अगली बार मैं ही प्र.म. बनूंगा, मैं ही किले पर आऊंगा, मैं ही योजना बनाऊंगा। चुनाव चलते हुए आप 5 साल के राशन की घोषणा कर रहे हो । यह चुनाव आयोग को दिखता है कि क्या बोल रहे हैं वो । गौरतलब है कि प्र.म. मोदी ने एक दिन पहले भविष्यवाणी करते हुए कहा गहलोत फिर कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे।
3383 विशेष मतदान केंद्र बनाए
कार्यालय संवाददाता जयपुर। राजस्थान में 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा आम चुनाव (Vidhansabha election) में महिलाओं, दिव्यांग और युवा मतदाताओं को जागरूक करने के लिए चुनाव आयोग की अनोखी पहल पर 3383 विशेष मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में महिला कार्मिक मतदान केंद्र, दिव्यांग कार्मिक मतदान केंद्र और युवा कार्मिक प्रबन्धित मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पूरे प्रदेश में ऐसे 3383 विशेष मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। गुप्ता ने बताया कि विधानसभा आम चुनाव महिलाओं, दिव्यांगों और युवाओं सहित सभी के लिए अधिक समावेशी और सहभागी बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आयोग ने महिला सशक्तिकरण, दिव्यांगजन और युवाओं के मतदान को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे विशेष मतदान केंद्र बनाने की पहल की है। उन्होंने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक दिव्यांग मतदान केन्द्र, 8-8 महिला और युवा मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। दिव्यांग मतदान केन्द्रों पर मतदान कार्य की जिम्मेदारी दिव्यांग कार्मिकों के हाथ होगी। इसी प्रकार, महिला मतदान केन्द्र में सिर्फ महिला कार्मिक ही मतदान कराने की जिम्मेदारी निभाएंगी। युवा मतदान केन्द्र में युवा कार्मिक तैनात किए जाएंगे। प्रदेश भर में 199 दिव्यांग मतदान केन्द्र और 1592-1592 महिला एवं युवा मतदान केन्द्र बनाए गए हैं।
Editorial

Editorial

Next Story