RSS Expansion in Amethi
अमेठी (एजेंसी)। केंद्रीय मंत्री (central minister) व सांसद स्मृति इरानी (MP Smriti Irani) ने शुक्रवार को कहा था कि वर्ष 2014 के पहले अमेठी में भाजपा (BJP) व संघ के सदस्य बनना खतरे से खाली नहीं था। आंकड़े भी इस बात की गवाही दे रहे हैं, क्योंकि वर्ष 2014 में यहां 100 से कम संघ की शाखाएं थीं। वर्ष 2019 में भाजपा की जीत के बाद संघ की शाखाओं की संख्या 200 तक पहुंच गई। वर्तमान में अमेठी संसदीय क्षेत्र में संघ की 325 शाखाएं संचालित हो रही हैं। एक तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी भाजपा से अधिक आरएसएस पर हमलावर रहते हैं, तो संघ अमेठी को तीन भागों में विभाजित कर अपनी पकड़ यहां हर दिन मजबूत करने में लगा है।
तीन संघ जनपद, 131 मंडल व 325 शाखाएं : अमेठी संसदीय क्षेत्र को संघ ने 3 जिलों और 131 मंडलों में बांट रखा है। अमेठी - रायबरेली के साथ जगदीशपुर को भी संघ जनपद मानता है। अमेठी संसदीय क्षेत्र का आधे से अधिक भाग काशी तो बाकी बचा भाग अवध क्षेत्र में आता है। अमेठी में 45 मंडल में कुल 165 शाखाएं लगती हैं, तो जगदीशपुर में संघ ने कुल 52 मंडल बना रखे हैं । यहाँ कुल 130 शाखाएं संचालित हैं। सलोन में भी इनकी संख्या 30 के पार है। संघ ने अपने स्वयंसेवकों से मिलने के लिए बाकायदा कार्यक्रम बना रखा है। सप्ताह में मंडली व माह में मिलन कार्यक्रम में सभी की आपस में मुलाकात होती है। इसमें संघ के बड़े पदाधिकारी भी शामिल होते हैं। अमेठी में हर साल प्राथमिक शिक्षा वर्ग का आयोजन होता है। इसमें नए स्वयंसेवकों को संघ से जोड़ा जाता है और उन्हें सात दिन का प्रशिक्षण दिया जाता है। संघ अमेठी में लंबे समय से अपनी जड़ों को मजबूत करने की मुहिम में लगा हुआ है।
अमेठी जिला गठन के बाद लंबे समय तक जिला कार्यवाह रहे मानधा सिंह कहते हैं कि 2014 में 100 के करीब शाखाएं लगती थी । तब भी यह संघ ही था जिसने आम चुनाव 2014 में राहुल गांधी के मुकाबले भाजपा के टिकट पर चुनावी रणभूमि में उतरीं स्मृति इरानी के लिए कांग्रेस के सबसे मजबूत गढ़ अमेठी में जमीन तैयार की थी और उन्हें 23 दिन के प्रचार में ही 3 लाख से अधिक मत मिले थे। स्मृति के रूप में भाजपा व संघ दोनों को अमेठी में एक नई संभावना दिखाई पड़ी। यहां स्मृति की सक्रियता बढ़ने के साथ ही संघ का भी दायरा तेजी से बढ़ने लगा ।
हर दिन मजबूत हो रहा संगठन
आम चुनाव 2014 में अमेठी में संघ के सह सरकार्यवाह व भाजपा- संघ के समन्वयक डा. कृष्णगोपाल के जगदीशपुर कार्यक्रम के बाद भाजपा को मिले रिकार्ड मतों ने उम्मीद बढ़ा दी है। तब से लगातार यहां संघ ताकत बढ़ाने में लगा है। अमेठी में संघ के इतिहास संकलन योजना के डॉ. बालमुकुंद का जुड़ाव बना रहता है, वह यहां जिला प्रचारक भी रह चुके हैं। 2014 के चुनाव में संघ के समन्वयक रहे मानधारा सिंह कहते हैं कि अमेठी के हर गांव में अब संघ की किसी न किसी रूप में मजबूत मौजूदगी है।
Editorial

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