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आरएसएस, बीजेपी के मुख्यालय की बढ़ाई गई सुरक्षा
By EditorialPublished on
केरल ब्लास्ट और मराठा आरक्षण (Kerala Blast and Maratha Reservation) के मुद्दे पर पश्चिम महाराष्ट्र में फैली हिंसा के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के मुख्यालय, बीजेपी (BJP) कार्यालय और उनके नेताओं के कार्यालय निवास की सुरक्षा (Security) को बढ़ाया गया है। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले केरल में हुए बम धमाके के बाद नागपुर (Nagpur) के पुलिस कमिश्नर ने आरएसएस मुख्यालय में जाकर सुरक्षा की समीक्षा की और सुरक्षा कर्मियों को ब्रीफ किया। आरएसएस मुख्यालय पहले से ही आतंकी संगठनों को न

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मुंबई । केरल ब्लास्ट और मराठा आरक्षण (Kerala Blast and Maratha Reservation) के मुद्दे पर पश्चिम महाराष्ट्र में फैली हिंसा के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के मुख्यालय, बीजेपी (BJP) कार्यालय और उनके नेताओं के कार्यालय निवास की सुरक्षा (Security) को बढ़ाया गया है। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले केरल में हुए बम धमाके के बाद नागपुर (Nagpur) के पुलिस कमिश्नर ने आरएसएस मुख्यालय में जाकर सुरक्षा की समीक्षा की और सुरक्षा कर्मियों को ब्रीफ किया। आरएसएस मुख्यालय पहले से ही आतंकी संगठनों को निशाने पर है। इसपर कई बार हमला करने की नाकाम कोशिश भी की जा चुकी है।
नागपुर में ही हैं दिग्गज नेताओं के आवास
बता दें कि हाल ही में केरल के प्रार्थना सभा में हुए सीरियल बम धमाकों के एहतियात के तौर पर पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने संघ मुख्यालय से लेकर धार्मिक और अति महत्वपूर्ण स्थान की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। गौरतलब है कि मराठा आरक्षण के चलते पश्चिम महाराष्ट्र में हिंसा हो रही हैं। ऐसे में नेताओं के घर और कार्यालय और राजनीतिक दलों के कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी हो रही है। दरअसल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis), बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule), कांग्रेस (Congress) के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले (Nana Patole), महाराष्ट्र विधानसभा के विपक्ष नेता विजय वेडेट्टीवार (Vijay Wadettiwar) का निवास नागपुर में है।
बाजार में भी चाक चौबंद हुई पुलिस सिक्योरिटी
इन्हीं हालातों के चलते नागपुर के पुलिस कमिश्नर ने सुरक्षा कर्मियों को ब्रीफिंग करके सतर्क रहने के आदेश दिए हैं। साथ ही साथ आवश्यकता अनुसार सुरक्षा को बढ़ाया भी गया है। मराठा आंदोलन के चलते नेताओं की भूमिका को गतिरोध है। इस वजह से पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। इसके अलावा बाजार और भीड़भाड़ वाली इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है।

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