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जयपुर ( कार्यालय संवाददाता) । महिला सशक्तीकरण (women empowerment) को आगे बढ़ाने और सनातन धर्म (sanatan dharma) के अपमान पर कांग्रेस (congress) को घेरने के लिए, भाजपा (bjp) राज्य भर में महिला समूहों के साथ बैठक करेगी। साथ ही हिंदू संतों के कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नारायण पंचारिया ने कहा कि भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति के तहत चौपाल या नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा- हम महिलाओं, किसानों, युवाओं को साथ लेकर चौपाल लगाएंगे। इसमें गहलोत सरकार की विफलताओं को बताया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में चौपाल कार्यक्रमों की शुरुआत 10 नवंबर से होगी। इसमें लागों को प्रधानमंत्री मोदी सरकार
(PM Modi sarkar)
की कल्याणकारी नीतियों के बारे में भी बताया जाएगा। यह कार्यक्रम गहलोत सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का भी जरिया होगा। भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नारायण पंचारिया की मानें तो एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के साथ इसी तरह की बैठकें पहले ही हो चुकी हैं।
भाजपा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot), प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा (Govind Dotasara), टोंक विधायक सचिन पायलट (sachin pilot) और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी (CP Joshi) जैसे प्रमुख कांग्रेस नेताओं को उनके निर्वाचन क्षेत्रों में घेरने की भी योजना बनाई है। पंचारिया ने कहा- हम ऐसा चक्रव्यूह रचेंगे कि ये नेता बाहर नहीं निकल पाएंगे। यदि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों से हार जाते हैं तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। गहलोत के गृहनगर जोधपुर
(jodhapur)
से ताल्लुक रखने वाले पंचारिया ने कहा कि हम 2013 का रिकॉर्ड तोड़ते हुए बड़े अंतर से जीतेंगे।
टिकट वितरण के बाद भाजपा के भीतर अशांति पर पंचारिया ने कहा कि यह अपेक्षित था । पार्टी ने असंतोष को दबाने के लिए कदम उठाए हैं। हम उन लोगों से बात कर रहे हैं जो आंदोलन कर रहे हैं। किसी भी चुनाव में ऐसी असहमति स्वाभाविक है। इस बार हमारे पास टिकटों के लिए बड़ी संख्या में दावेदार थे क्योंकि लोगों को लगता है कि भाजपा ही सरकार बनाएगी। सीएम चेहरा घोषित नहीं किए जाने से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (vasundhara raje) के नाराज होने की बात पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि राजे को दरकिनार नहीं किया गया है, वह सक्रिय हैं और सभी बैठकों में भाग ले रही हैं और सभी चर्चाओं में शामिल हैं। उनके करीबियों को टिकट मिला है। राजे पार्टी के प्रति प्रतिबद्ध हैं और पार्टी के आदेश के अनुसार काम करेंगी। कई राज्यों में भाजपा की नीति चुनाव से पहले किसी भी सीएम चेहरे की घोषणा नहीं करने की रही है। पंचारिया ने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया कि भाजपा आलाकमान ने चुनाव की बागडोर अपने हाथ में ले ली है और वह स्थानीय नेताओं पर भरोसा नहीं कर रहा है।
Editorial

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