E-commerce Fraud Arrest Udaipur
उदयपुर। शहर के हिरणमगरी थाना क्षेत्र (Hiranmagari Police Station) में ऑनलाइन ई-कामर्स कंपनियों (online e-commerce companies) से ठगी करने में दो व्यक्तियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनवा कर अमेजन कंपनी से महंगे टीवी-मोबाइल खरीदने (buy tv-mobile) और खराब बताकर पैसे रिफंड करा कर लाखों रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार (Arrested) किया। आरोपी ने दो व्यक्तियों के नाम पर फर्जी 3 आधार कार्ड, 3 पेन कार्ड, 7 एटीएम, 6-6 चेकबुक और पासबुक बना रखी है। इस फर्जीवाड़े में आरोपी के तीन साथी भी शामिल है। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
थानाधिकारी दर्शन सिंह ने बताया कि फर्जी तरीके से अमेजन कंपनी से महंगे सामान मंगवा कर और इन्हें खराब बताकर पैसे रिफंड मंगवा कर धोखाधड़ी करने वाले सरवाना, सांचोर निवासी विक्रम पुत्र भंवरलाल बिश्नोई को गिरफ्तार किया। इसके कब्जे से एक लेपटॉप, तीन फर्जी आधार कार्ड मिले, जिनमें फोटो विक्रम के थे लेकिन नाम और पते किसी और के थे। पहले आधार कार्ड में नाम खुद का और पता जमेश्वरपुरा, बिछावाड़ी, जालौर लिखा था। दूसरे कार्ड में नाम अनुप्रीत पता निमार्ण नगर, जयपुर और तीसरे कार्ड में नाम विपुल जांगिड़, पता मनवाखेड़ा, उदयपुर लिखा है। तीन पेन कार्ड भी मिले, जिनमें फोटो विक्रम के लगे थे। एक कार्ड विक्रम का खुद का था। दूसरा कार्ड अनुप्रीत और तीसरा विपुल जांगिड़ के नाम था ।
विपुल जांगिड के नाम का आरबीएल बैंक का एटीएम कार्ड, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का एटीएम, यूनियन बैंक के दो कार्ड, यूको बैंक का एक कार्ड, एचडीएफसी बैंक का एक और विक्रम के नाम का बैंक ऑफ बड़ोदा का एक एटीएम कार्ड था । इनके अलावा यूनियन, यूको, आईसीआईसीआई, आईडीएफसी और आरएलबी बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस की पासबुक और चेक बुक जब्त की। आरोपी फर्जी दस्तावेज बना कर विपुल और अनुप्रीत के नाम पर अलग-अलग बैंक में खाते खुलवा रखे है । इन दस्तावेजों में फोटो आरोपी का है, लेकिन नाम-पते व अन्य जानकारियां फर्जी है। इन दोनों के नाम से फर्जी दस्तावेज बनाने में जयपुर निवासी दोस्त चेतन व अन्य दो साथियों ने उसका साथ दिया था। उसने दो फर्जी खाते खुलवा कर चेतन को भी दिया था। इसके बदले चेतन ने उसे 50 हजार रुपए दिए थे। विक्रम ने अनुप्रीत को विपुल के खातों से ऑनलाइन अमेजन कंपनी से महंगे मोबाइल टीवी 'व अन्य सामान खरीदे है।
फिर इन सामान को खराब बताकर पेमेंट रिफंड करने का कंपनी को लीगल नोटिस भेजा। जिससे कंपनी ने उसे रिफंड कर दिया। इस तरह आरोपी ने रुपए और सामान दोनों ही धोखाधड़ी कर हड़प लिए। आरोपी विक्रम बिश्नोई को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे 2 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
Editorial

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