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प्रत्याशियों को चाहिए स्टार प्रचारकों का बूस्टर
By EditorialPublished on
भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव (Madhya Pradesh Assembly Elections) में भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) दोनों ही पार्टियों में प्रत्याशियों की ओर से स्टार प्रचारकों की डिमांड आने लगी है। जानकारी के अनुसार जहां भाजपा में प्रधानमंत्री मोदी के बाद सबसे ज्यादा डिमांड उत्तर के प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की है, वहीं कांग्रेस में युवा नेता सचिन पायलट की मांग सबसे अधिक है। योगी सनातन और हिंदुत्व का सबसे बड़ा चेहरा हैं। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी अपने विधानसभा क्षेत्र में योगी की सभा और रोड शो कर

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भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव (Madhya Pradesh Assembly Elections) में भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) दोनों ही पार्टियों में प्रत्याशियों की ओर से स्टार प्रचारकों की डिमांड आने लगी है। जानकारी के अनुसार जहां भाजपा में प्रधानमंत्री मोदी के बाद सबसे ज्यादा डिमांड उत्तर के प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की है, वहीं कांग्रेस में युवा नेता सचिन पायलट की मांग सबसे अधिक है। योगी सनातन और हिंदुत्व का सबसे बड़ा चेहरा हैं। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी अपने विधानसभा क्षेत्र में योगी की सभा और रोड शो करवाना चाहते हैं। जिससे जाति में विभाजित वोट को हिंदुत्व के नाम पर एक किया जा सके। जबकि पायलट की छवि किसान और जुझारू नेता के रूप में है। ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार सचिन के जरिए किसानों को साधना चाहते हैं। इसके साथ ही कांग्रेस में महिला वोटर्स को जोड़ने के लिए प्रियंका गांधी की सभा को लेकर भी कई प्रत्याशियों ने मांग रखी है। बात दें, कांग्रेस भाजपा समेत आप, वसपा और सपा जैसी सभी राजनीतिक पार्टियों ने विधानसभा चुनाव में अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। आप में केजरीवाल, बसपा में मायावती और सपा में अखिलेश की मांग सबसे अधिक है। तीनों नेताओं ने अपने आकलन के हिसाब से सभाएं करना शुरू भी कर दिया है।
पार्टियों का अपना समीकरण
स्टार प्रचारक को लेकर पार्टियों का अपना गणित होता है। पार्टियां उम्मीदवारों की डिमांड पर कम बल्कि अपने सर्वे के अनुसार स्टार कैम्पेनर का दौरा तय करती हैं। कमजोर सीट और वहां वन रहे समीकरण के हिसाव से ही स्टार प्रचारक का दौरा बनाती हैं। कौन सा स्टार प्रचारक कहां सभा या रोड शो करेगाये सर्वे के हिसाब से तय किया जाता है।
खर्चे में मिलती है बचत
बता दें, स्टार प्रचारक से प्रचार करवाने पर खर्चा पार्टी के खाते में जोड़ा जाता है। ऐसे में प्रत्याशी को चुनावी खर्चे में बड़ी राहत मिल जाती है। चुनाव आयोग की ओर से चुनाव प्रचार में खर्चे के लिए एक सीमा तय की गई है। इसके अनुसार उम्मीदवार अपने प्रचार में 40 लाख रूपए तक खर्च कर सकता है।

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